Wednesday, 23 November 2016

ताजा खबर


शहीदी दिवस पर घोषित अवकाश 24 नवंबर के बजाय अब चार दिसंबर

By Nawal Mishra Publish Date:Thu, 24 Nov 2016 12:17 AM (IST) | Updated Date:Thu, 24 Nov 2016 12:23 AM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस पर पूर्व में घोषित 24 नवंबर के स्थान पर अब चार दिसंबर को अवकाश घोषित किया गया है।

लखनऊ (जेएनएन)। गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस पर पूर्व में घोषित 24 नवंबर के स्थान पर अब चार दिसंबर को अवकाश घोषित किया गया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। धार्मिक मान्यता को लेकर डीएम लखनऊ की संस्तुति के आधार पर शासन ने अवकाश की तारीख में बदलाव किया है। यह अवकाश शासन एवं विभागाध्यक्ष कार्यालयों में जहां छह दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, वहां लागू होगा। अर्थात ऐसे कार्यालय जहां छह दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है वहां 24 नवंबर को कार्यालय सामान्य कार्य दिवसों की भांति खुले रहेंगे और चार दिसंबर को अवकाश रहेगा। जहां पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, वहां यह अवकाश लागू नहीं होगा।

नानक शाही कैलेंडर के अनुसार नहीं मनेगा दिवस

धर्म परिवर्तन का विरोध करने वाले सिख समाज के नौवें गुरु तेग बहादुर का 342वां शहीदी दिवस 24 नवंबर को नहीं मनाया जाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से जारी नानक शाही कैलेंडर में उनका शहादत दिवस चार दिसंबर को पड़ेगा। ऐसे में समाज के लोग चार को ही शहीदी दिवस मनाएंगे। लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने बताया कि नानक शाही कैलेंडर के अनुसार शहीदी दिवस को पडऩे वाले अवकाश में बदलाव करने की अपील जिला प्रशासन से तीन दिन पहले की गई थी। कमेटी की ओर से बुधवार को नानक शाही कैलेंडर की प्रति सौंपी गई थी। दस्तावेजों के आधार पर अब गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस चार दिसंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि छठे गुरु हरगोविंद सिंह के पुत्र गुरु तेग बहादुर पुरानी दिल्ली के शीशगंज में (शीशगंज गुरुद्वारा बना है) 24 नवंबर 1675 में शहीद हुए थे। उनके पुत्र व सिख समाज के 10वें गुरु गुरुगोविंद सिंह ने नौ साल की उम्र में पिता को धर्म परिवर्तन के विरुद्ध जंग लडऩे के लिए प्रेरित किया था। सिख समाज की सबसे बड़ी संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से हर वर्ष नानक शाही कैलेंडर जारी किया जाता है। उसी के आधार पर प्रकाशोत्सव व शहीदी दिवस मनाया जाता है। अवकाश बदलने पर उप्र पंजाबी अकादमी के अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने सरकार के निर्णय की सराहना की है


32 हजार अनुदेशक के लिए 1.54 लाख आवेदक
 

इलाहाबाद। वरिष्ठ संवाददाता
Updated: 23-11-16 12:40 PM
बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में 32,022 शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती के लिए 1,54,216 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इनमें 8625 दिव्यांग हैं। आवेदन की अंतिम तिथि मंगलवार को बीतने के बाद स्थिति साफ हो गई।
बीपीएड, डीपीएड, सीपीएड व अन्य समकक्ष योग्यताधारी अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए थे। कुल 1,80,950 बेरोजगारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। नोटबंदी के कारण बैंकों में फीस जमा करने में आ रही परेशानी को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद ने फीस जमा करने की अंतिम तिथि 11 से बढ़ाकर 19 नवंबर कर दी थी।
आवेदन पूर्ण करने की आखिरी तारीख 22 नवंबर थी। फार्म में संशोधन के लिए 28 से 30 नवंबर तक अवसर दिया जाएगा। शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों को 11 महीने के लिए सात हजार रुपए मानदेय पर नियुक्ति दी जाएगी। इससे पहले सरकार ने 100 से अधिक छात्रसंख्या वाले स्कूलों में तकरीबन 13.5 हजार शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती की थी।
लेकिन अब उन 32 हजार उच्च प्राथमिक स्कूलों में भी इनकी नियुक्ति करने जा रहे हैं जहां छात्रसंख्या 100 से कम है।


यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाएं 22 दिसंबर से
 

इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददाता
Updated: 23-11-16 11:40 AM
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं 22 दिसंबर से शुरू होगी। सचिव शैल यादव ने मंगलवार को प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया। परीक्षा दो चरणों में 20 जनवरी तक होगी।
पहला चरण
पहले चरण में 22 दिसंबर से पांच जनवरी तक आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, फैजाबाद, देवीपाटन, बस्ती व गोरखपुर मंडल में प्रैक्टिकल होंगे।
दूसरा चरण
दूसरे चरण में 6 से 20 जनवरी तक अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, इलाहाबाद, आजगमढ़, वाराणसी व मिर्जापुर मंडलों की परीक्षा होगी।
50-50 फीसदी में बंटे अंक
प्रयोगात्मक परीक्षाओं के संबंध में अन्य आवश्यक जानकारी तथा परीक्षकों की नियुक्ति आदि की सूचना परिषद के संबंधित कार्यालयों से भेजी जाएगी। इंटरमीडिएट के प्रयोगात्मक विषयों में निर्धारित पूर्णांक में से 50 प्रतिशत अंक आंतरिक परीक्षक और 50 प्रतिशत बाह्य परीक्षक देंगे। व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए जो विद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए केन्द्र बनाए गए हैं उनसे संबंधित विषयों के अध्यापक 50 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन पर देंगे और बचे हुए 50 प्रतिशत अंक बाहरी परीक्षक देंगे। अनिवार्य विषय खेल एवं शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य कराएंगे।
प्रैक्टिकल के नंबर वेबसाइट पर मांगे
इलाहाबाद। हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षा पिछले सालों की तरह ही स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर कराई जाएगी। हाईस्कूल आंतरिक मूल्यांकन, खेल एवं शारीरिक शिक्षा और इंटर खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव शैल यादव ने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि वेबसाइट www.upmsp.edu.in पर अपलोड किए जाएं। इसके लिए वेबसाइट जनवरी के पहले सप्ताह में एक्टीवेट की जाएगी।


भुगतान का प्रमाण देकर छूटे बीएसए औरैया

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:31 AM IST
रिटायर्ड शिक्षक को एरियर भुगतान में हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने के आरोप में अभिरक्षा में लिए गए बीएसए औरैया को हाईकोर्ट ने बुधवार को रिहा कर दिया। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को भी निर्देश दिया कि अभिरक्षा में लेने के कारण बीएसए के विरुद्ध कार्रवाई न की जाए।
बीएसए शिव प्रसाद यादव को कोर्ट ने मंगलवार को गलत हलफनामा देकर अदालत को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार करवा दिया था। रात भर उनको अभिरक्षा में कैंट थाने में रखा गया। बुधवार को दिन में दो बजे उनकी दोबारा कोर्ट के समक्ष पेशी हुई। बीएसए के अधिवक्ता श्रवण कुमार पांडेय ने बताया कि याची शिवशंकर को उनके बकाए का भुगतान किया जा चुका है। अदालत को इस बात की सही जानकारी नहीं दी गई। भुगतान से संबंधित प्रमाण भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पंकज नकवी ने वास्तविकता सामने रखने के बाद याचिका निस्तारित करते हुए बीएसए को रिहा करने का आदेश दिया।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति आवेदन में ऑनलाइन संशोधन का मौका
 
जौनपुर। निज संवाददाता
Updated: 23-11-16 09:40 PM
दशमोत्तर छात्रवृत्ति के छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए शासन ने एक और मौका दिया है। छात्र ऑनलाइन आवेदन की त्रुटियों को नौ दिसम्बर तक ठीक करा सकते हैं। जिला समाज कल्याण मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि सत्र 2016-17 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए कक्षा-11 व 12 के छात्रों को मौका मिला है। नये संशोधन में संदेहास्पद डाटा को कारण सहित छात्र के लागिन पर प्रदर्शित होगा। आनलाइन आवेदन में की गयी त्रुटियों को छात्र तीन से नौ दिसम्बर तक ठीक करा सकते हैं। आनलाइन आवेदन पत्र की त्रुटियों को ठीक करके हार्ड कापी को आवश्यक प्रपत्रों के साथ 12 दिसम्बर तक स्कूल में जमा करना होगा। संशोधित आवेदन पत्र को शिक्षण संस्थान आनलाइन सत्यापित एवं अग्रसारित 15 दिसम्बर तक कर सकते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने छात्रों से समय से संशोधन कराने को कहा है।
शासन ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए फिर से संशोधन का मौका दिया है। पहले संशोधन एवं जांच का जिम्मा शिक्षण संस्थानों को दिया जाता था। शिक्षण संस्थानों की लापरवाही के कारण छात्र शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति से वंचित हो जाते थे।


इस बार 162 विद्यालयों पर होंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं
 
वाराणसी वरिष्ठ संवाददाता
Updated: 23-11-16 09:20 PM
जिले में इस बार 162 विद्यालयों में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं होगी। पिछली बार से 17 अधिक केंद्र बनाए गए हैं। प्रस्तावित केंद्रों की सूची बुधवार को देर शाम जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी कर दी गई। प्रस्तावित केंद्रों के बारे में 25 नवम्बर तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। पिछले साल 145 केंद्रों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इसमें से दो केंद्रों को डिबार कर दिया गया।
2015 की बोर्ड परीक्षा में 218 केंद्र बनाया गया था। इसके बाद 2016 की बोर्ड परीक्षा में केंद्रों की संख्या घटा दी गई। प्रधानाचार्यों का कहना था कि इससे काफी परेशानी हुई। खास तौर लड़कियों को काफी दूर जाना पड़ा जिस पर अभिभावकों ने काफी आपत्ति जताई थी। इसके अलावा कई केंद्रों पर 1200 से अधिक परीक्षार्थी आवंटित हो गए, वहां प्रधानाचार्यों को उधार का फर्नीचर लेना पड़ा था। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र की अध्यक्षता में हुई केंद्र निर्धारण समिति की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसके बाद 17 नए केंद्र बनाने पर सहमति बन गई। ये वही विद्यालय हैं जो 2015 की बोर्ड परीक्षा में केंद्र बने थे। उन विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है जहां लड़कियों की संख्या 200 से अधिक है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी राय ने बताया है कि प्रस्तावित केंद्रों की एनआईसी और माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई है। पच्चीस नवम्बर को आपत्तियों के निस्तारण के बाद केंद्रों की सूची को मंडलीय समिति को भेज दिया जाएगा।


सोनभद्र: वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देने की तैयारी पूरी
 
सोनभद्र। निज संवाददाता
Updated: 23-11-16 05:41 PM
जिले के 38 विद्यालयों के 438 वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय दिए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। शीघ्र ही इन शिक्षकों के खाते में मानदेय की धनराशि पहुंच जाएगी। जिले के 12 प्रधानाचार्यों को नोडल अधिकारी बनाकर सत्यापन कार्य कराया गया था। वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय जारी करने के आदेश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक प्रभुराम चौहान ने विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का शपथ पत्र प्रबंधक व प्रधानाचार्य के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रापत कराने का निर्देश जारी किया था। जिन विद्यालयों से शपथ पत्र प्राप्त हुआ था, उन विद्यालयों का भौतिक सत्यापन भी करा लिया गया है। सत्यापन के बाद 438 शिक्षकों को मानदेय शिक्षकों के खाते में भेजने की कार्यवाही की जा चुकी है। मानदेय के लिए कुल 38 विद्यालयों के शिक्षकों को अब तक पात्र की श्रेणी में रखा गया है। वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय का कार्य देख रहे अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि म्योरपुर, राबर्ट्सगंज, घोरावल ब्लाक के अधिकांश विद्यालयों का सत्यापन आख्या प्राप्त हो चुकी है। उन्हें मानदेय देने का अंतिम चरण में चल रहा है। 38 शिक्षकों को मानदेय उनके खाते में भेजा जा चुका है। माध्यमिक शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने बताया कि शपथ पत्र का सत्यापन करने वाले नोडल अधिकारियों की लापरवाही के कारण अभी 438 शिक्षकों को ही मानदेय दिए जाने की कार्यवाही हो सकी है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से शीघ्र सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त कर शेष शिक्षकों को भी मानदेय दिलाने की कार्यवाही पूरी किए जाने की मांग की है। जिले के कुल लगभग 870 से अधिक वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय दिया जाना है। कोट : वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देने का कार्य प्रगति पर है। 50 प्रतिशत शिक्षकों को मानदेय दिलाने का कार्य कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष बचे शिक्षकों का भी शीघ्र ही सत्यापन करा मानदेय देने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। प्रभुराम चौहान, डीआईओएस

तीन केंद्रों पर शुरू हुई बीएड परीक्षा
 

मथुरा। हिन्दुस्तान संवाद
Updated: 23-11-16 07:10 PM
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा संचालित बीएड परीक्षा बुधवार को जनपद के तीन केंद्रों पर हुई। परीक्षा में पंजीकृत 1400 में से 95 फीसदी छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। केंद्रों पर परीक्षार्थियों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं करने दिया गया।
जनपद के 46 बीएड कॉलेजों के 1400 परीक्षार्थियों के लिए विश्वविद्यालय ने तीन नोडल केंद्र बनाए थे। इनमें किशोरी रमण महिला महाविद्यालय में 13 बीएड कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए दस कक्षों में परीक्षा कराने की व्यवस्था की गई। यहां कुल 496 छात्र-छात्राओं को परीक्षा देनी थी, जिनमें अधिकांश परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। दोपहर एक बजे परीक्षा प्रारंभ करा दी गई। परीक्षा के दौरान प्राचार्य डॉ. शोभा पाठक कक्षों का लगातार निरीक्षण करती रहीं। इसी तरह बीएसए कॉलेज परीक्षा केंद्र पर 23 बीएड कॉलेज के विद्यार्थी संबद्ध किए गए थे। 15 कक्षों में 576 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन 70 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. सुमन कुमार ने परीक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। बीएसए कॉलेज सेल्फ फाइनेंस के निदेशक डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि पहले दिन परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। तीसरे नोडल सेंटर किशोरी रमण टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में 10 बीएड कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। शाम चार बजे परीक्षा संपन्न हुई। अब 25 नवंबर को बीएड के द्वितीय पेपर की परीक्षा होगी।
सैनिक छात्रा को मिली राहत
बीएसएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात छाता के ग्राम भोगांव निवासी छात्रा को डॉ. अंबेडकर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. केएन सिंह के हस्तक्षेप व किशोरी रमण महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डा. शोभा पाठक द्वारा विशेष रुचि दिखाए जाने से राहत मिल सकी। मंगलवार देर रात छात्रा का फॉर्म विवि की वेबसाइट पर अपलोड हो सका। इसके चलते बुधवार को छात्रा ने सुकून से बीएड की परीक्षा दी।


आगरा विवि के बीएड फर्जीवाड़े में कर्मचारी पर गाज
 
आगरा, वरिष्ठ संवाददाता
Updated: 23-11-16 12:50 PM
डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि में हुए बीएड फर्जीवाड़े में सोमवार को एक कर्मचारी पर गाज गिर गयी। विवि ने 2004 में बीएड कार्य से जुड़े एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया। विवि प्रशासन ने कर्मचारी पर कार्रवाई एनसी हरित कमेटी की सिफारिशों के आधार पर की है। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर कई और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होना तय है।
बता दें कि विवि में बीएड 2004 में हुए फर्जीवाड़े की जांच हाईकोर्ट के निर्देश पर एसआईटी कर रही है। वहीं विवि प्रशासन ने भी रिटायर्ड जज एनसी हरित की अध्यक्षता में अक्टूबर 2015 में कमेटी बनाकर जांच करायी थी। कमेटी ने अगस्त 2016 में अपनी रिपोर्ट विवि प्रशासन को सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट में कमेटी ने विवि के तत्कालीन कुलसचिव, कुलपति और अधिकारी और कर्मचारी आरोपी बनाए थे। साथ ही फर्जीवाड़े पर मुहर लगा दी थी। रिपोर्ट के बाद विवि कार्य पषिद ने पूरे मामले को खोलने वाले सुनील कुमार को जारी गलत मार्कशीट को रद कर दिया था। वहीं सोमवार को उस दौरान बीएड कार्य से जुड़े कर्मचारी महीपाल सिंह को निलंबित कर दिया। कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर महीपाल सिंह को निलंबित किया गया है। रिपोर्ट में दोषी पाए गए अन्य कर्मचारियों पर भी कार्यवाही की जाएगी।
ऐसे खुला था बीएड फर्जीवाड़ा
शिवदान सिंह कॉलेज से सुनील कुमार ने बीएड की परीक्षा दी। विवि ने सुनील कुमार को 21 नवंबर 2006 को मार्कशीट जारी की। इसमें सुनील कुमार को 54 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण दिखाया गया। मार्कशीट खो जाने पर सुनील ने डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए 2012 में अप्लाई किया। 31 दिसंबर 2012 को मार्कशीट जारी की गयी। लेकिन इस मार्कशीट ने सुनील को परेशानी में डाल दिया क्योंकि मार्कशीट में उसके नंबर 54 से सीधे 84 फीसदी हो गए थे। सुनील ने इस मामले की शिकायत विवि अधिकारियों से की, लेकिन विवि ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में 2013 में सुनील कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फर्जीवाड़े की जांच की मांग की। इस पर सुनवाई करते हुए ही कोर्ट ने एसआईटी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।


पुराने शासनादेश से भी कई शिक्षकों को मिली थी प्रोन्नति
 
उच्च शिक्षा
Updated: 23-11-16 01:00 PM
प्रमुख संवाददाता / राज्य मुख्यालय
कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रदेश के राजकीय एवं सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की प्रोन्नति में आ रही दिक्कतें दूर करने के लिए जारी ताजा शासनादेश बहस का विषय बन गया है। पहले से दो गुटों में बंटे शिक्षकों में से एक गुट का पलड़ा अब भारी हो गया है। दूसरे गुट के साथ ऐसे शिक्षक हैं जो पुराने शासनादेश से ही प्रोन्नति का लाभ पाने में सफल हो गए थे।
लखनऊ विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) की मांग पर शासन ने पिछले दिनों निदेशक (उच्च शिक्षा) से कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोन्नति पाने वाले शिक्षकों एवं यूजीसी के नए मानकों के कारण प्रोन्नति से वंचित होने वाले शिक्षकों के संबंध में पूरी रिपोर्ट मांगी थी। यह प्रत्यावेदन लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने दिया था। दरअसल इस स्कीम के संबंध में शासनादेश 28 मई 2015 को जारी किया गया था। इसके अनुसार निदेशक (उच्च शिक्षा) की ओर से शिक्षकों की प्रोन्नति के संबंध में चयन समितियों का गठन करने एवं चयन समितियों की संस्तुतियों के आधार पर प्रोन्नति चल रही है। शासन ने निदेशक से 28 मई 2015 के शासनादेश के अनुपालन में हुई कार्यवाही के बारे में पूछा था।
इसमें कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत आने वाले शिक्षकों की संख्या, उनके द्वारा स्कीम के तहत यूजीसी के परफार्मेंस बेस्ड एप्रेजल सिस्टम पर दिए गए आवेदन पत्रों की संख्या, चयन समिति की संस्तुति के क्रम में प्रोन्नत होने वाले शिक्षकों की संख्या, चयन समितियों द्वारा अनुपयुक्त पाए गए शिक्षकों की संख्या तथा उनके अनुपयुक्त होने के कारणों के संबंध में स्पष्ट सूचनाओं के साथ रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। तभी यह माना जा रहा था कि यह रिपोर्ट आने के बाद शासन लुआक्टा के प्रत्यावेदन पर विचार करेगा। वैसे लुआक्टा की तरफ से उठाए गए मुद्दों पर शासन ने पूर्व में यूजीसी से भी मार्गदर्शन मांगा था, लेकिन यूजीसी ने अभी तक मानकों में कोई ढील देने का संकेत नहीं दिया है। अब नए शासनादेश से 28 दिसम्बर 2015 तक प्रोन्नति के अर्ह होने वाले शिीकों की प्रोन्नति यूजीसी के नए नियमों के बजाय पूर्व के नियमों से हो सकेगी। इस तरह इन शिक्षकों को ढेर सारी जटिलताओं से मुक्ति मिल सकेगी।


जल्द आएगा आरओ-एआरओ 2014 का अंतिम परिणाम
 

इलाहाबाद। प्रमुख संवाददाता
Updated: 23-11-16 12:20 PM
लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) भर्ती 2014 का अंतिम परिणाम जल्द घोषित होने की उम्मीद है। सबकुछ सही रहा तो आरओ-एआरओ 2016 प्री परीक्षा से पहले ही परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। आरओ-एआरओ 2016 प्री परीक्षा 27 नवंबर को होनी है।
25 नवंबर से पहले आ सकता है रिजल्ट
प्रतियोगी छात्रों को आयोग से जानकारी मिली है कि आरओ-एआरओ 2014 का अंतिम परिणाम तैयार कर लिया गया है। 25 नवंबर से पहले किसी भी दिन इसे घोषित किया जा सकता है। हालांकि आयोग के अफसर अभी इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। ऑफ द रिकॉर्ड अफसर भी 25 नवंबर से पहले परिणाम आने की बात कह रहे हैं।
रिजल्ट के लिए कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक
आयोग सूत्रों का कहना है कि परिणाम को अंतिम रूप देने वाले कर्मचारियों की इस सप्ताह की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। आरओ-एआरओ 2014 की मुख्य परीक्षा अगस्त 2015 में हुई थी। मुख्य परीक्षा के 15 माह बाद भी परिणाम घोषित न होने से प्रतियोगियों में आक्रोश है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से पिछले दिनों आयोग में ज्ञापन देकर आरओ-एआरओ 2016 प्री से पहले ही 2014 का अंतिम परिणाम घोषित करने की मांग की गई थी।
अप्रैल 2015 में हुई थी प्रारंभिक परीक्षा
आरओ-एआरओ 2014 परीक्षा समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी समेत अन्य कई प्रकार के 640 पदों पर भर्ती के लिए हो रही है। इसकी प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल 2015 को हुई थी। इसमें सफल लगभग 16 हजार अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे। सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों शासन स्तर से भी आयोग को पत्र भेज इस भर्ती की चयन प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का आग्रह किया गया था।


प्रवक्ता हिंदी का परिणाम घोषित 134 को मिली नोकरी
    

इलाहाबाद हिन्दुस्तान प्रतिनिधि
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने एडेड कॉलेजों की प्रवक्ता हिन्दी 2013 भर्ती का अंतिम परिणाम बुधवार को जारी कर दिया। बालक वर्ग में 119 और बालिका वर्ग में 15 कुल 134 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसी के साथ चयन बोर्ड ने प्रशिक्षित स्नातक 2013 संगीत गायन का परिणाम भी जारी कर दिया।
संगीत गायन में 16 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। चयन बोर्ड ने पीजीटी हिन्दी के 146 बालक और 17 बालिका वर्ग के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए तकरीबन 44 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 15 फरवरी 2015 को लिखित परीक्षा कराई गई और तीन महीने पहले साक्षात्कार हुए।
रिजल्ट में देरी से अभ्यर्थियों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थी। इस बीच सभी तरह की आशंकाओं पर विराम लगाते हुए बोर्ड ने बुधवार की शाम रिजल्ट जारी कर दिया। वहीं टीजीटी संगीत गायन के लिए डेढ़ हजार अभ्यर्थियों ने फार्म भरा था। चयन बोर्ड सचिव रूबी सिंह ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों की सूची बोर्ड की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।


गैरहाजिर चार शिक्षक निलंबित

अमर उजाला ब्यूरो गोंडा
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:27 PM IST
शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने व समय से विद्यालय न जाने के आरोप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार देर शाम रूपईडीह के चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया।
रुपईडीह के खंड शिक्षा अधिकारी रामराज ने 10 दिन पहले क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण किया था।
इसमें प्राथमिक विद्यालय अड़बड़वा के प्रधानाध्यापक ओम नारायण सिंह यादव, प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर खुर्द के प्रधानाध्यापक मदन गोपाल, दलपतपुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राम बदल सोनी व पूर्व माध्यमिक विद्यालय महादेवा कला के प्रधानाध्यापक जय प्रकाश तिवारी गैरहाजिर मिले थे।
इन शिक्षकों की कार्यशैली से नाराज खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए से इनके निलंबन की संस्तुति की थी। बीईओ की रिपोर्ट पर मंगलवार देर शाम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने चारों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है।


गुरुकुल विवि वृंदावन यूपी बोर्ड से बाहर

ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 23 Nov 2016 01:14
गुरुकुल विश्वविद्यालय वृन्दावन की अधिकारी परीक्षा को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद (यूपी बोर्ड) ने अपने हाईस्कूल के समकक्ष अब नहीं माना है।
बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के समकक्ष तमाम बोर्ड की परीक्षाओं की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें गुरुकुल विश्वविद्यालय शामिल नहीं है, जबकि पिछले वर्षों में इस विश्वविद्यालय की अधिकारी परीक्षा को बोर्ड ने अपने हाईस्कूल के समकक्ष माना था। शर्त यह थी कि यह परीक्षा वर्ष 2006 या उससे पहले उत्तीर्ण की गई हो, लेकिन नई लिस्ट में इसे भी शामिल नहीं किया गया है।
यूपी बोर्ड ने अन्य परीक्षाओं में उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद से संचालित तीन वर्षीय डिप्लोमा को इंटरमीडिएट के समकक्ष माना है। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के फर्जी अंकपत्र और प्रमाणपत्र जारी होने और उनके आधार पर अनियमित रूप से विद्यालयों में प्रवेश होने के मामलों का संज्ञान लेकर समकक्ष मान्य परीक्षाओं की लिस्ट जारी की है। यूपी बोर्ड की सचिव शैल यादव की ओर से यह भी कहा गया है भारत में विधि से स्थापित संस्थाओं से संचालित समकक्ष उन परीक्षाओं को भी माना जाएगा, जिनका समाधान बोर्ड से किया गया जा चुका है।
व्यवसायिक प्रमाणपत्रों को भी अर्ह माना
कक्षा आठ उत्तीर्ण करने के बाद मान्यता प्राप्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से दो वर्षीय या उससे अधिक अवधि का औद्योगिक प्रशिक्षण पूरा करके राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) से जारी राष्ट्र्रीय व्यवसाय प्रमाणपत्र (एनटीसी) अथवा राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश (एससीवीटी) से जारी राज्य स्तरीय प्रमाणपत्र प्राप्त करने वालों को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की हिंदी विषय की परीक्षा व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में उत्तीर्ण करने पर हाईस्कूल डिग्री धारक माना जाएगा। वहीं, यूपी बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मान्यता प्राप्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से कम से कम दो वर्षीय प्रशिक्षण पूरा करके एनसीवीटी से एनटीसी या एससीवीटी प्रमाणपत्र हासिल करने वालों को हिंदी विषय के साथ 12वीं करने पर यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट उत्तीर्ण माना जाएगा।
इन परीक्षाओं को समकक्ष माना
- राज्य और केंद्र बोर्ड
बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन आंध्र प्रदेश, बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन गुवाहटी असम, बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड पटना, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकश्ेान नई दिल्ली (सीबीएसई), छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन रायपुर, काउंसिल फार दि इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन, नई दिल्ली (आईसीएसई), दयालबाग एजूकेशन इंस्टीट्यूट (डीम्ड यूनिवर्सिटी) आगरा, गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजूकेशन गोवा, गुजरात सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजूकेशन बोर्ड गांधीनगर गुजरात, बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन हरियाणा भिवानी, हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन धर्मशाला कांगड़ा, जे एंड के स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन जम्मू, झारखंड एकेडमी काउंसिल रांची, कर्नाटका सेकेंडरी एजूकेशन एग्जामिनेशन बोर्ड बंग्लुरू, केरला बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजूकेशन तिरुवन्तपुरम, महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजूकेशन पुणे, बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन मध्य प्रदेश भोपाल, बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन मणिपुर इम्फाल, मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन मेघालय, मिजोरम बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन ऐजाल, नागालैंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन कोहिमा, बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन उड़ीसा कटक, पंजाब स्कूल एजूकेशन बोर्ड मोहाली, बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन राजस्थान अजमेर, स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एग्जामिनेशन (सेकेंडरी) एंड बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एग्जामिनेशन तमिलनाडु, त्रिपुरा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन अगरतला, वेस्ट बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन कोलकाता, बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन उत्तराखंड रामनगर नैनीताल।
-अन्य बोर्ड-
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ से संचालित मौलवी परीक्षा अरबी और मुंशी परीक्षा फारसी हाईस्कूल के समकक्ष और आलिम परीक्षा इंटर के समकक्ष। माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ से संचालित पूर्व मध्यमा हाईस्कूल के और उत्तर मध्यमा इंटरमीडिएट के समकक्ष। राष्ट्रीय ओपन स्कूल नई दिल्ली से संचालित सेकेंडरी परीक्षा इस प्रतिबंध के साथ कि यह हाईस्कूल के लिए छह और इंटर के लिए कम से कम पांच विषयों में उत्तीर्ण की गई हो। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार उत्तराखंड से संचालित विद्याधिकारी परीक्षा। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से संचालित पूर्व मध्यमा परीक्षा हाईस्कूल के समकक्ष और उत्तर मध्यमा इस प्रतिबंध के साथ इंटर के समकक्ष मानी जाएगी कि वह कम से कम पांच विषयों में उत्तीर्ण हो और उसमें भाषा के अतिरिक्त दो अन्य विषय सम्मिलित हों। यह परीक्षा वर्ष 1998 से प्रभावी मानी जाएगी।
डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ से संचालित प्री-डिग्री सर्टिफिकेट फॉर डे स्टूडेंट परीक्षा इस प्रतिबंध के साथ इंटरमीडिएट के समकक्ष मानी है, जब वह पांच विषयों के साथ उत्तीर्ण की गई हो। प्राविधिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश से संचालित तीन वर्षीय डिप्लोमा परीक्षा इंटरमीडिएट के समकक्ष मानी है। गवरनमेंट ऑफ कर्नाटका डिपार्टमेंट ऑफ प्री-यूनिवर्सिटी एजूकेशन बंग्लूरू की परीक्षा इंटरमीडिएट के समकक्ष मानी है।

No comments:

Post a Comment