Thursday, 24 November 2016

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 सुप्रीम कोर्ट की टीम ने देखी प्राइमरी स्कूलों की बदहाली, अपनी मर्जी से किया दौरा, फिर भी हकीकत से दूर

इलाहाबाद : सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की जायजा लेने आई सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय टीम ने पहले दिन बहादुरपुर, चाका और जसरा ब्लाकों के कुल 14 स्कूलों की पड़ताल की। वैसे तो टीम के सदस्यों अशोक गुप्ता
और गौरव अग्रवाल ने अधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। लेकिन सूत्रों की मानें तो टीम स्कूलों की व्यवस्था से बहुत संतुष्ट नहीं है। स्कूलों में साफ-सफाई, पेयजल, बाउंड्रीवाल और पहुंचमार्ग के मुद्दे पर टीम के सदस्य सख्त नजर आए।
सुप्रीम कोर्ट के दोनों अधिवक्ता सबसे पहले बहादुरपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भागीपुर गए। इसके बाद इसी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय अंदावा और फिर चाका की ओर रुख किया। हेडमास्टरों से पूछताछ में पता चला कि शौचालय और स्कूल की साफ-सफाई स्थानीय सफाईकर्मियों के जिम्मे है। हालांकि अधिकतर हेडमास्टरों को अपनी जेब से पैसा खर्च कर सफाई करवानी पड़ती है।
इस पर टीम का मानना था कि हेडमास्टरों को प्रतिमाह 1000 से 1500 रुपए तक साफ-सफाई के लिए मिलना चाहिए। इस पैसे के खर्च का पूरा अधिकार हेडमास्टरों के विवेकाधीन हो। ऐसा प्रयोग आन्ध्र प्रदेश में हुआ और सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। अधिकतर स्कूलों में हैंडपंप मिले जबकि टीम का मानना था कि रनिंग वाटर का इंतजाम होना चाहिए। नलकूप से सप्लाई होनी चाहिए और स्टोरेज के लिए ढकी हुई टंकी रखी जाए।
हर स्कूल में बाउंड्रीवाल और समुचित पहुंचमार्ग का बंदोबस्त होना चाहिए। यह टीम अपनी संस्तुति सुप्रीम कोर्ट के जरिए केन्द्र सरकार को देगी। टीम के साथ मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक रमेश कुमार तिवारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिकेश यादव रहे।
अपनी मर्जी से किया दौरा, फिर भी हकीकत से दूर
इलाहाबाद। सुप्रीम कोर्ट की टीम ने बेसिक शिक्षा विभाग से मिले रूट चार्ट की बजाय अपनी मर्जी से स्कूलों का दौरा किया। टीम ने बहादुरपुर के पांच, चाका के दो और जसरा के सात स्कूलों का दौरा किया। लेकिन इसके बावजूद अफसर जमीनी हकीकत को छिपाने में कामयाब रहे। इलाहाबाद शहर में ही किराए के भवन में चल रहे डेढ़ दर्जन स्कूलों में शौचालय के इंतजाम नहीं है। प्रतापगढ़, फतेहपुर और इलाहाबाद के कुछ स्कूलों में शौचालय के समुचित इंतजाम नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल हुई थी। इस पर राज्य सरकार ने हलफनामा दिया था कि सभी स्कूलों में बालक और बालिका के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था है। इसी की जांच के लिए शीर्ष अदालत ने दो सदस्यों को भेजा है। यह टीम शुक्रवार को भी स्कूलों का जायजा लेगी।
तीन की जगह चार बजे तक खुले रहे स्कूल
इलाहाबाद। जांच के मद्देनजर स्कूल गुरुवार को तीन की बजाय चार बजे तक खुले रहे। बीएसए हरिकेश यादव ने सभी हेडमास्टरों को सूचना भिजवा दी थी कि तीन बजे छुट्टी होने पर बच्चों को भेज दिया जाए लेकिन शिक्षक चार बजे तक रुकेंगे। टीम ने सुबह 10 बजे दौरा शुरू किया और पौने तीन बजे तक पड़ताल की।


नये कॉलेजों के लिए शिक्षकों का प्रमोशन, महिला शिक्षिकाओं की पदोन्नति के बाद पुरुष शिक्षकों का फिर होगा प्रमोशन

 इलाहाबाद : प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कॉलेजों में महिला शिक्षिकाओं की पदोन्नति के बाद पुरुष शिक्षकों का फिर प्रमोशन होना है। शिक्षा निदेशालय में इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। एलटी ग्रेड शिक्षक पुरुष
शाखा की वरिष्ठता सूची दुरुस्त नहीं है। ऐसे में प्रवक्ता पद पर कार्यरत शिक्षकों को पदोन्नत करके प्रधानाध्यापक बनाए जाने की तैयारी है, ताकि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत खुलने वाले नये विद्यालयों को प्रधानाध्यापक मिल सकें।
प्रदेश के राजकीय स्कूलों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती नियमावली में बदलाव हो चुका है। इसी बीच सूबे में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 483 नये विद्यालय खोले जाने की स्वीकृति मिल गई है। इन स्कूलों में एक प्रधानाध्यापक व पांच सहायक अध्यापक नियुक्त किया जाना है। इन विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर सीधी भर्ती नहीं होती है, बल्कि शिक्षकों को पदोन्नत करके तैनात किया जाता है। इसीलिए पहले 249 शिक्षकों के प्रमोशन के बाद महिला शिक्षिकाओं की फिर पदोन्नति होने जा रही है। इसके लिए सभी मंडलों से गोपनीय आख्या मांग ली गई है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत बराबर संख्या में बालक-बालिका विद्यालय खुलने हैं। शिक्षिकाओं के होने वाले प्रमोशन से बालिका विद्यालयों में प्रधानाध्यापिकाओं की कमी पूरी हो जाएगी, लेकिन बालकों के लिए पुरुष संवर्ग का भी प्रमोशन होना है।


यूपी के 80 हजार शिक्षकों को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत, शैक्षणिक गुणांक के आधार पर नियुक्ति पाने वाले गणित- विज्ञान सहित लगभग 80 हजार सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत 

शैक्षणिक गुणांक के आधार पर नियुक्ति पाने वाले गणित- विज्ञान सहित लगभग 80 हजार सहायक अध्यापकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश देते
हुए सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में टीईटी प्राप्तांक को वरीयता देने का मामला सर्वोच्च न्यायालय रेफर कर दिया है।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले एवं न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने दिया। खंडपीठ ने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में टीईटी प्राप्तांक को वरीयता देने और बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली में हुए 16वें संशोधन को चुनौती देने वाले मामले पर यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी यही मामला लंबित होने के कारण विरोधाभाषी निर्णय से बचने के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट संदर्भित कर दिया। याचियों की ओर से कहा गया कि बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली में 15वां संशोधन कर शैक्षणिक गुणांक के आधार पर नियुक्ति का नियम बनाया गया। हाईकोर्ट ने 15वां व 16वां संशोधन रद्द कर दिया। पूर्ण पीठ ने भी नियुक्ति में टीईटी प्राप्तांक को वरीयता देने का फैसला सुनाया है। चयनित अभ्यर्थियों को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। इसके बावजूद प्रदेश में रद्द नियमावली पर गणित एवं विज्ञान की 29334 एवं 15000 सहित हजारों सहायक अध्यापकों की भर्ती कर ली गई,जो अवैधानिक है। दूसरे पक्ष की ओर से कहा गया कि न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के फैसले में टीईटी वेटेज के आधार पर चयन सूची को नए सिरे से तैयार करने के लिए कहा था। यह आदेश अब तक कायम है। इस मामले में टीईटी वेटेज वालों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे, अधिवक्ता प्रभाकर अवस्थी, विनय कुमार श्रीवास्तव व नवीन शर्मा चयनितों के लिए अनूप त्रिवेदी, शैलेंद्र, सीमांत सिंह व विभू राय ने तर्क प्रस्तुत किए।


79 हजार प्राथमिक शिक्षकों को राहत, टीईटी वेटेज का मामला सुप्रीम कोर्ट रिफर, सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही लंबित है प्रकरण

विधि संवाददाता, इलाहाबाद : शैक्षणिक गुणांक के आधार पर नियुक्त किए गए प्रदेश के 79 हजार प्राथमिक शिक्षकों को फिलहाल राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्ति में एनसीटीई की गाइडलाइन को
नजरअंदाज करने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट भेज दिया है। सुप्रीम कोर्ट में यह प्रकरण पहले से लंबित है। कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है।
राज्य सरकार ने बेसिक शिक्षा नियमावली में संशोधन करके शैक्षणिक गुणांक के आधार पर कई चरणों में लगभग 79 हजार नियुक्तियां की हैं। इनमें उर्दू शिक्षक भी शामिल हैं। इसको इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर 36 याचिकाओं के जरिए चुनौती दी गई थी। याचिकाओं में आधार लिया गया है कि 15वां 16वां संशोधन हाईकोर्ट द्वारा रद किया जा चुका है। चयनित अध्यापकों की ओर से अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी, सीमांत सिंह, विभू राय ने एनसीटीई के नियम 9बी की वैधता को भी चुनौती दी।


BTC 2016: काउंसिलिंग में बदलेंगे नियम, निजी कॉलेजों को सीटें भरने का मौका देने पर बनी सहमति

 इलाहाबाद : बेसिक टीचर्स सर्टिफिकेट यानी बीटीसी 2016 में प्रवेश के नियम बदलने की लगभग सहमति बन गई है। शासन की मंजूरी के बाद ही इसका औपचारिक एलान होगा। फिलहाल परीक्षा नियामक प्राधिकारी
कार्यालय बीटीसी का दाखिला शुरू कराने का खाका खींचने में जुटा है। साथ ही नियमों में बदलाव का प्रस्ताव अगले सप्ताह शासन को भेज जाने की तैयारी है, ताकि दाखिले की प्रक्रिया नये साल में शुरू कराई जा सके।
प्रदेश में बीटीसी निजी कॉलेजों की भरमार होने के बाद से वहां दाखिले को लेकर हर बार विवाद हो रहा है। इस बार तो आगरा समेत कई जिले में जिलाधिकारी को हस्तक्षेप करके कलक्ट्रेट कर्मचारियों को लगाकर कॉलेजों का आवंटन किया गया। इसके अलावा निजी कॉलेज यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट के प्राचार्य उनकी सीटें भरने में रुचि नहीं दिखाते इसीलिए सीटें खाली रह जाती हैं।
2015 की बीटीसी काउंसिलिंग में तो परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने डायट प्राचार्यो को निर्देश दिया था कि वह अंतिम तीन दिन निजी कॉलेजों को अपनी शेष सीटें भरने का मौका दें। हालांकि इसका कहीं अनुपालन नहीं हुआ। सूबे में निजी कॉलेजों की संख्या और बढ़ने जा रही है, इससे समस्या गंभीर हो सकती है। इससे बचने के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने बीटीसी 2016 के नये दाखिले में नियमों में बदलाव के लिए पिछले दिनों बैठक की थी। कि निजी कॉलेजों को अपनी सीटें भरने का मौका दिया जाए। पहले ऑनलाइन काउंसिलिंग पर मंथन हुआ इसमें वेबसाइट एवं अन्य दिक्कतों के कारण विभाग पीछे हट गया।


UPTET: शिक्षक पात्रता परीक्षा के सफल अभ्यार्थियों के प्रमाण पत्र का वितरण शुरू

जासं, ग्रेटर नोएडा : शिक्षक पात्रता परीक्षा के सफल अभ्यार्थियों के प्रमाण पत्र का वितरण जिला शिक्षा एवं
प्रशिक्षण संस्थान दनकौर में शुरू हो गया है। प्राचार्य संजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि परीक्षा का आयोजन दो फरवरी 2016 को विभिन्न केंद्रों पर किया गया था। परीक्षा में जो लोग सफल हुए हैं उनका प्रमाण पत्र आ गया है। प्रमाण पत्र का वितरण सुबह 11 बजे से दिन में तीन बजे तक किया जा रहा है। जिन्होंने परीक्षा में सफलता प्राप्त की है वह अपना प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते है



आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों को डीए देने का आदेश
 
राज्य मुख्यालय। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर अखिल भारतीय सेवा के यूपी में तैनात आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को दो फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) देने का गुरुवार को आदेश जारी कर दिया है।
यह आदेश सचिव वित्त अजय अग्रवाल ने जारी किया है। आदेश के अनुसार दो फीसदी डीए का लाभ इन अधिकारियों को पहली जुलाई 2016 से दिया जाएगा।
इसी तरह वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार ने अखिल भारतीय सेवा के रिटायर अधिकारियों (रिटायर आईएएस, आईपीएस और आईएफएस) पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी दो फीसदी महंगाई राहत का लाभ पहली जुलाई 2016 से देने का आदेश जारी किया है।



आईआईटी मुम्बई पढ़ाएगा नि:शुल्क, पर बीबीएयू शिक्षक तैयार नहीं

लखनऊ : निज संवाददाताआईआईटी मुम्बई कम्प्यूटर लैग्वेज और ऑपरेटिंग सिस्टम की प्रोग्रामिंग सहित कई कोर्सों को नि:शुल्क ऑन लाइन पढ़ाने को तैयार है, पर बाबा साहेब साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के शिक्षक की कार्यप्रणाली से लगता है कि वह इसके लिए भी राजी नहीं हैं। कोर्स के समन्वयक ने पढ़ाई के लिए विभागाध्यक्षों से सभी छात्रों का विवरण मांगा है लेकिन अन्तिम तिथि बीत जाने के बाद 26 में से 5 विभाग ने ही ब्योरा भेजा है।घर बैठे कम्प्यूटर के करीब 29 कोर्सों को पढ़ाने के लिए आईआईटी मुम्बई ने ‘स्पोकेन टिटोरियल साफ्टवेयर को विकसित किया है। इसकी पढ़ाई पूरी तरह से ऑन लाइन है। छात्र-छात्राएं आपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। कोर्स पूरा होन के बाद वह अपने हिसाब से परीक्षा भी दे सकेंगे। यह सभी व्यवस्था नि:शुल्क है। इसमें दाखिले के लिए छात्र को केवल अपना विवरण देना है। आईआईटी मुम्बई ने देश के अन्य शैक्षिक संस्थानों की तरह बीबीएयू से भी एमओयू किया है। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने स्पोकेन टिटोरियल को सभी को सभी कोर्स के छात्र-छात्राओं के लिए अनिवार्य कर दिया है। परिसर में कोर्स का समन्वयक प्रो. विपिन सक्सेना को बनाया गया। प्रो. सक्सेना ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर छात्र-छात्राओं का विवरण एक निर्धारित प्रारुप में देने का अनुरोध किया। इसकी अन्तिम तारीख 15 नवम्बर रखी गई। इसमें विभागाध्यक्षों से छात्र का नाम, ई-मेल आईडी और जेंडर की जानकारी मांगी थी, पर अन्तिम तारीख बीत जाने के बाद केवल पांच विभागों ने ही जानकारी भेजी है। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, सांख्यिकी, हिन्दी, शिक्षाशास्त्र और मैनेजमेंट विभाग शामिल हैं। करीब 21 विभागों ने अब तक जानकारी नहीं भेजी है। इससे छात्रों के नि:शुल्क कोर्स का लाभ उठाने से वंचित होने का खतरा पैदा हो गया है।


सुल्तानपुर  में मंडलीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ

सुलतानपुर :  हिन्दुस्तान संवाद पंत स्पोर्ट स्टेडियम में गुरुवार को परिषदीय विद्यालयों की मण्डलीय बालक्रीड़ा प्रतियोगिता का कमिश्नर फैजाबाद सूर्य प्रकाश मिश्र ने शुभारंभ किया। अमेठी, सुलतानपुर, बाराबंकी, फैजाबाद और अम्बेडकर नगर के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का समापन 26 नवम्बर को होगा। गुरुवार को रंगारंग कार्यक्रमों के बीच बालक्रीड़ा प्रतियोगिता के शुभारंभ के मौके पर उच्च प्राथमिक बालिका वर्ग की 600मीटर दौड़ प्रतियोगिता को हरी झण्डी दिखाकर कमिश्नर ने रवाना किया। इसमें अमेठी जिले की आरती अव्वल रही। सुलतानपुर जिले की मंजू ने दूसरा व बाराबंकी की साईया बानों ने तीसरा स्थान हासिल किया। मण्डलायुक्त मिश्र ने तीनो विजेता खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित किया। इस मौके पर कमिश्नर श्री मिश्र ने कहा कि बेहतर खेल के माध्यम से खिलाड़ी जिला, मण्डल व प्रदेश का नाम रोशन करें। कमिश्नर ने प्रतियोगिता के आयोजक बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह व उनकी टीम के प्रति आभार जताया। अन्तराष्ट्रीय खिलाड़ी डॉ.बाबादीन चौधरी ने कहा खेल औषधि है। खिलाड़ी का खेल के प्रति सजग रहना चाहिए। कहा कि खिलाड़ी कभी बेइमान नहीं हो सकता है। खिलाड़ी स्वाभिमानी होता है। उन्होंने कहा कि वे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणाश्रोत हैं। अतिथियों का सम्मान :जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह ने कमश्निर सूर्य प्रकाश मिश्र ,सीडीओ रामयज्ञ मिश्र , एडी बेसिक राजेश कुमार वर्मा व अन्तर राष्ट्रीय खिलाड़ी डॉ.बाबादीन चौधरी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके अलावा कबड्डी ग्राउण्ड का मण्डलायुक्त व सीडीओ ने फीता काटकर शुभारम्भ किया।


 शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती के नाम पर ठगी
 
इलाहाबाद : शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है। शातिरों ने प्रौढ़ शिक्षा विस्तार सेवायें नाम से मनगढ़ंत विभाग बनाकर ग्राम प्रधानों को पैम्फलेट और आवेदन पत्र भेजे हैं। पैम्फलेट में भारत के सभी गांवों में शिक्षा के विकास के लिए प्रौढ़ शिक्षा विस्तार सेवाओं के द्वारा नियुक्ति के आवेदन पत्र आमंत्रित करने की बात कही गयी है जबकि इस नाम से राज्य या केन्द्र सरकार का कोई विभाग ही नहीं है।
खास बात यह कि सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती करने वाले बेसिक शिक्षा परिषद को ऐसी किसी भर्ती की जानकारी नहीं है। शातिरों ने कम पढ़े-लिखे (महज 12वीं पास) बेरोजगारों को हर गांव में दो शिक्षक व दो शिक्षिका के रूप में नियुक्ति का झांसा दिया है। 7500 से 11000 मानदेय पर नौकरी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 5 दिसंबर 2016 बताई गई है।
ग्राम प्रधानों के रुतबे का लाभ उठाने के मकसद से शातिरों ने सीधे प्रधानों को आवेदन पत्र व अन्य सूचनाएं भेजी है। पैम्फलेट के अनुसार 10 दिसंबर 2016 को ग्राम सभा में नियुक्ति कराई जाएगी। आवेदन फीस के रूप में 660 रुपए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाता संख्या 3575126201 (जो कि किसी नीरज शर्मा लखनऊ के नाम है) में डालने को कहा गया है। नीरज शर्मा को प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन बताया गया है।
शर्तों में साफ लिखा है कि फीस की प्राप्ति रसीद आवेदन फार्म के साथ संलग्न कर भेजना होगा नहीं तो फार्म निरस्त मान लिया जाएगा। उम्मीदवारों को उनके चयन की सूचना ग्राम प्रधान के रजिस्टर्ड पते पर भेजने की बात कही गयी है।
प्रधानों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से की शिकायत
इलाहाबाद। प्रौढ़ शिक्षा विस्तार सेवायें नाम से हर गांव में दो-दो महिला व पुरुष शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी पैम्फलेट और आवेदन पत्र मिलने के बाद ग्राम प्रधानों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। रहीमाबाद के ग्राम प्रधान मो. उमर और कटहुला गौसपुर की प्रधान एकता ने बुधवार को पत्र लिखकर उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
कदम-कदम पर फर्जीवाड़ा
चयन की योग्यता 12वीं पास जबकि बीटीसी, बीएड या अन्य प्रशिक्षण और टीईटी पास करने के बाद ही शिक्षक के पद पर नियुक्ति होती है
पैम्फलेट में जिस वेबसाइट www.prodhshiksha.in का जिक्र है वह खुल ही नहीं रही
जिस शासनादेश 426 का हवाला है वह 15 अगस्त 2016 को जारी हुआ बताया गया है जबकि उस दिन छुट्टी रहती है
दो हेल्पलाइन नंबर 07705880132 व 07705881247 दिया है उस पर संपर्क करने पर ग्राम प्रधान से बात करने को कहा जा रहा है। जबकि ग्राम प्रधानों को ही इस विषय में कोई जानकारी नहीं।
इनका कहना है
बेसिक शिक्षा परिषद को ऐसी किसी भर्ती की कोई जानकारी नहीं है। न ही परिषद को ऐसी भर्ती के लिए शासनादेश मिला है।
स्कंद शुक्ला, उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद


हाजिरी में 'यस सर' से चूका छात्र तो सरेआम बनाया मुर्गा
   
कन्नौज जलालाबाद : जलालाबाद के परिषदीय स्कूल में हाजिरी के समय यस सर न बोलने पर शिक्षक ने छात्र को सरेआम मुर्गा बना दिया। इस बात की सूचना जब बीएसए तक पहुंची तो उन्होनें जांच के आदेश दिए हैं।
बुधवार सुबह कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय जलालाबाद के प्रधानाध्यापक वीरेन्द्र तिर्वा में किसी मीटिंग में गए हुए थे। दूसरे सहायक अध्यापक छुट्टी पर चल रहे थे। प्रार्थना के बाद यहां तैनात सहायक अध्यापक मुकेश कुमार खुले मैदान में बच्चों को बैठाकर हाजिरी ले रहे थे। एक छात्र अपना नाम बुलाने पर यस सर कहना भूल गया। इस पर क्रोधित शिक्षक ने छात्र को खुले मैदान में मुर्गा बना दिया। गौरतलब है कि विद्यालय परिसर में ही खंड शिक्षा अधिकारी एवं ब्लाक संसाधन केन्द्र संचालित हैं। सरे आम बाल अधिकार की अवहेलना होते देखकर भी किसी जिम्मेदार ने शिक्षक को नहीं रोका। इस मामले को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखण्डप्रताप सिंह का कहना था कि कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय जलालाबाद के शिक्षक मुकेश कुमार ने छात्र के साथ यदि मारपीट कर प्रताड़ना दी है तो जांच कराकर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा।


सीबीएसई ने जारी किया विस्तृत प्रवेश प्रक्रिया शेड्यूल
   
इस बार छात्रों को सावधानी पूर्वक फॉर्म भरना होगा। उनको सुधार का कोई मौका नहीं मिलेगा। दो अप्रैल को ऑफलाइन और आठ व नौ अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा होगी। 27 अप्रैल को रिजल्ट घोषित किया जाएगा। दो बार परीक्षा दे चुके छात्र भी इस बार परीक्षा दे सकेगे। जेईई मेन की परीक्षा पास करने वाले दो लाख 20 हजार छात्रों को आईआईटी प्रवेश के लिए जेईई एडवांस की परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
देश की छात्राओं के 900 व विदेशियों के 1900 फीस
प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने की फीस भी सीबीएसई ने घोषित कर दी है। इस बार छात्राओं, एससी/एसटी के लिए फीस 900 रुपए रखी गई है। वहीं विदेशियों के लिए 1900 रुपए रखी गई है। वहीं जनरल छात्र के लिए फीस 1800 और विदेशियों के लिए 3800 रुपए रखी गई है। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा की फीस ऑफलाइन से कम है।
दोनों पेपरों में पूछे जाएंगे 172 प्रश्न
जेईई मेन की परीक्षा में पहला पेपर फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ और दूसरा पेपर मैथ, एप्टीट्यूड टेस्ट और कला का होगा। पहले पेपर में 90 और दूसरे पेपर में 82 प्रश्न पूछे जाएंगे। पहला पेपर 360 और दूसरा 390 अंक का होगा। सर्वाधिक प्रश्न एप्टीट्यूड टेस्ट में 50 और नंबर 200 भी इसी में मिलेगे। सबसे कम सवाल कला में दो और नंबर 70 है।
44 नंबर में पास होगे एसटी छात्र
जेईई मेन प्रवेश प्रक्रिया को पास करने का कटआफ भी जारी कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के छात्र को 105 नंबर, ओबीसी वर्ग के 70, एससी छात्र को 50 और एसटी छात्रों को 44 नंबर लाने होगे। इसमे सीबीएसई बदलाव भी कर सकता है।
चार ऑनलाइन काउंसिलिंग होगी
जेईई मेन पास करने वाले छात्रों की ऑनलाइन काउंसिलिंग जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होगी। जेईई मेन में इस बार चार काउंसिलिंग कराई जाएगी। तीन काउंसिलिंग जोसा और एक काउंसिलिंग सीसैब कराएगा। छात्र-छात्राओं को काउंसिलिंग में ऑनलाइन भाग लेना होगा।


शिक्षकों की कमी की वजह से लगाए गए अधिक शिक्षक
 
कानपुर : विश्वविद्यालय में इस साल प्रैक्टिकल का फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिक्षकों ने घर बैठे ही कई कॉलेजों के प्रैक्टिकल निपटा दिए। कुछ ऐसे विषय हैं जिनमें शिक्षकों की संख्या कम हैं उनमें तो ठीक लेकिन यहां तो केमिस्ट्री जैसे पापुलर विषय का हाल है जिसमें बड़ी तादाद में शिक्षक हैं। इसके बावजूद भी एक शिक्षिका को 51 कॉलेज एलॉट कर दिए गए है। अधिकारियों और बाबुओं की मिलीभगत से विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था का बंटाधार किया जा रहा है। जब एक शिक्षक को रेवड़ी की तरह 51 कॉलेज बांटे जाएंगे तो फोटो में कटपेस्ट किया जाना तो लाजमी है।
प्रैक्टिकल के लिए 20 डीएल
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शिक्षकों को प्रैक्टिकल के लिए 20 ड्यूटी लीव (डीएल) दिए जाते हैं। अगर बीस दिनों में लगातार कॉलेजों में प्रैक्टिकल कराए जाएं तो भी 20 कॉलेजों में ही जाया जा सकता है। लेकिन यहां तो शिक्षकों ने इलाहाबाद, फर्रुखाबाद, औरैया, सीतापुर, इटावा समेत 14 जिलों के कॉलेजों को आसानी से निपटा दिया।
30 प्रतिशत नाम काटकर बदले गए
विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रैक्टिकल के लिए बड़ा खेल चलता है। अपनों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया जाता है। इस साल प्रैक्टिकल के लिए शिक्षकों नाम आवंटित होने के बाद लगभग 30 प्रतिशत शिक्षकों के नाम काटकर खास लोगों को आवंटित किए गए।
कोई सीनियरिटी नहीं
अनुदानित कॉलेजों के प्राचार्यों का कहना है कि विश्वविद्यालय के प्रैक्टिकल, पैनल में सीनियरिटी का कोई नियम नहीं है। सिर्फ अपनों को ही लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है।


 जनपद के 22 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे 10170 अभ्यर्थी

मथुरा : उप्र लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (सामान्य चयन) पदों को 27 नवंबर को जिले के 22 परीक्षा केंद्रों पर 10170 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी। परीक्षा केंद्रों को तीन जोन व 7 सेक्टरों में विभाजित कर इनमें एक-एक जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ परीक्षा केंद्रों पर एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है।
डीएम नितिन बंसल ने परीक्षा के संबंध में जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि कोई भी विषम परिस्थिति उत्पन्न होने पर वे स्वविवेक से उसका मौके पर ही निराकरण करेंगे और इसकी सूचना उन्हें, एसएसपी व एडीएम (प्रशासन) को तत्काल देंगे। डीएम ने सभी मजिस्ट्रेट को आदेश दिए हैं कि वे परीक्षा तिथि से पूर्व अपने केंद्रों का भ्रमण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चत कराएं। रास्ता जाम की स्थिति में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लें। परीक्षा के दिन कोषागार परीक्षा केंद्रों के पैकेट लेकर परीक्षा के समय से 1.30 घंटे पूर्व केंद्रों पर उपलब्ध कराएं। साथ ही केंद्र छोड़ने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि केंद्रों पर परीक्षा विधिवत संपन्न हो चुकी है व सभी अभिलेख सील्ड कराने हों, सील्ड करा दिए गए हैं।
परीक्षा कक्ष में नहीं जाएंगे अर्दली और गनर
डीएम ने सभी स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी उपस्थिति में दोनों पालियों में गोपनीय पैकेट खुलवाएंगे तथा परीक्षा समाप्ति के बाद प्रयुक्त उत्तर पत्रक अपनी देखरेख में सील कराएंगे। मजिस्ट्रेट के साथ संबंद्ध उनके अर्दली, चपरासी, गनर, चालक आदि परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं करेंगे।
परीक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक आज
जिला मजिस्ट्रेट नितिन बंसल की अध्यक्षता में उप्र लोक सेवा आयोग की प्रांरभिक परीक्षा की व्यवस्थाओं के संबंध में तैनात मजिस्ट्रेट्स /अधिकारियों और डीआईओएस की 25 नवंबर को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित होगी।
परीक्षा कार्यक्रम
परीक्षा सुबह 9. 30 से 11. 30 बजे तक सामान्य अध्ययन (वस्तुनिष्ठ प्रकारक) एवं दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक सामान्य हिन्दी (वस्तुनिष्ठ प्रकारक) विषयों की होगी।


 शाहजहांपुर में विदेशी शिक्षकों से टिप्स लेंगे बेसिक टीचर
   
शाहजहांपुर : विदेशों में बच्चों को किस तरह से पढ़ाया जाता है? यह कला अब अपने जिले के शिक्षक भी सीख सकेंगे। शिक्षकों के क्षमता संवद्र्धन के लिए ऑन लाइन कोर्स की सुविधा को शुरू किया गया। इसमें गुरुजी ऑनलाइन पढ़ने के बाद सवालों का जवाब देंगे।
साथ ही विदेशों के शिक्षकों से व्हाट्सएप की तरह मैसेज लिखकर चर्चा भी कर सकेंगे। कोर्स का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए डायट में प्रशिक्षण दिया गया। वहां शिक्षकों को रजिस्ट्रेशन कराने का तरीका प्रोजेक्टर के माध्यम से समझाया जा रहा।
एससीआरटी व टेस्ट इंडिया के सहयोग से हिन्दी में शिक्षकों के क्षमता संवर्द्धन के लिए ऑन लाइन कोर्स लांच किया गया। वेबसाइट ईडीएक्स डॉट ओआरजी डालकर साइट पर शिक्षक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शिक्षकों को छह चैप्टर पढ़ने होंगे। हर सप्ताह के लिए वेबसाइट पर प्रत्येक शिक्षकों को डाटा उपलब्ध कराया जाएगा।
उसको पढ़ने के बाद सप्ताह में उसका मूल्यांकन होगा। आखिरी हफ्ते में ऑनलाइन डिग्री भी शिक्षकों को मिल जाएगी। इस साइट की सबसे खास बात यह है कि इसमें विदेश के तीन और इंडिया के चार शिक्षक भी जुड़े हैं। रजिस्ट्रेशन कराने वाला शिक्षक विदेशी शिक्षकों से शिक्षा पर चर्चा कर सकता है।
उसके लिए साइट पर एक आप्शन दिया गया। उस पर व्हाट्सएप की तरह मैसेज कर बच्चों को पढ़ाने की कला सीख सकते हैं। कोर्स प्रभारी डा. अरुण गुप्ता ने बताया कि हमने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा है। डायट आने वाले शिक्षकों को प्रोजेक्टर के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने की जानकारी दी गई है। कोर्स के लिए उन्हीं शिक्षकों को वरीयता दी, जो बीएड योग्यताधारी के साथ मल्टीमीडिया फोन व लैपटॉप का उपयोग करते हैं।
नए टिप्स हासिल करेंगे शिक्षक
- नए कोर्स के माध्यम से शिक्षक क्लास रूम की दिक्कतें, नेतृत्व प्रबंधन, क्षमता संवर्धन आदि के लिए टिप्स सीख सकेंगे। अभी तक जिन चीजों को लेकर गुरुजन काफी टेंशन में रहते थे। उनका वेबसाइट पर आसानी से समाधान हो सकेगा।
वेबसाइट पर अकेला है हिन्दी का कोर्स
- ओपेन एजुकेशन पर काम करने वाली वेबसाइट पर अकेला कोर्स हिन्दी वाला है। बाकी सारे कोर्स इंग्लिश के हैं। जिले से करीब 250 शिक्षकों को कोर्स कराने का लक्ष्य रखा है। उस लक्ष्य के करीब डायट पहुंच चुका है।
घर बैठे कर सकेंगे पढ़ाई
- शिक्षकों को कोर्स करने के लिए कहीं जाना नहीं होगा। लैपटॉप व स्मार्ट फोन रखने वाले गुरुजन घर बैठे पढ़ाई कर सकेंगे। उसके बाद ऑन लाइन ही उनका पेपर हो जाएगा। बीएड करने वाले ही यह कोर्स कर सकते हैं।


कुलपति की अनदेखी पर कोर्ट सख्त, सरकार का फैसला निरस्त

लखनऊ : बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (बीआईईटी) झांसी में चहेते के चयन के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति की अनदेखी को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है।
कोर्ट ने कुलपति की जगह शिक्षाविद् को प्रोफेसरों की चयन समिति का मुखिया बनाए जाने के सरकार के आदेश को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया। अदालत ने माना कि ऐसा छिपे हुए मकसद के लए किया गया था।

रोचक तथ्य यह है कि इसी समिति को इंस्टीट्यूट के निर्देशक के भाई के चयन का भी फैसला करना था। सरकार ने चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा पेश करने को कहा है।

जस्टिस सत्येंद्र सिंह चौहान और जस्टिस वीरेंद्र कुमार (‌द्वितीय) ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार ने छिपे हुए मकसद के लिए चयन समिति का अध्यक्ष बनाने में वीसी की अनदेखी की।
...यह वजह जिसके कारण वीसी थे चयन समिति से बाहर
प्रो. आरसी यादव संस्‍थान के पूर्व निदेशक थे। उन्हें चयन समिति का अध्यक्ष बनाया गया। संस्‍थान के निदेशक डॉ. दिवाकर यादव समिति के उपाध्यक्ष हैं और समिति को उनके भाई विक्रम यादव के चयन का निर्णय करना है। यह एक वजह हो सकती है कि वीसी को इस चयन समिति से बाहर रखा गया।

अपनी तरह के इस रोचक मामले में एकेटीयू सरकार के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची थी। याचिका में प्रो. आरसी यादव को चयन समिति का अध्यक्ष बनाने के प्रदेश सरकार के 7 नवंबर 2016 के निर्णय को चुनौती दी गई थी। इसमें कहा गया था कि संस्‍थान के नियम 4-ए (1) के तहत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए चयन समिति बनाई जाती है।

वीसी न हो, तभी सरकार कर सकती है नियुक्ति
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार चयन समिति अध्यक्ष पद पर शिक्षाविद की नियुक्ति तभी कर सकती है जब वीसी उपलब्ध न हों। यह भी देखने की जरूरत है कि प्रदेश सरकार के निर्णय के पीछे कोई छिपा हुआ उद्देश्य तो नहीं है?

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1 comment:

  1. ������
    अच्छा प्रयास

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