अब कैसे भरे जाएंगे तीन हजार शिक्षकों के पद, विज्ञान-गणित शिक्षक के तीन हजार पद अभी भी खाली, शिक्षक बनने के अर्ह युवाओं का टीईटी-2011 का प्रमाणपत्र अब वैध नहीं
इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान-गणित शिक्षक के तीन हजार पद खाली हैं, लेकिन अब इन पदों पर काबिज होने का दावेदार कोई नहीं है। वजह यह है कि शिक्षक बनने के अर्ह युवाओं
का टीईटी-2011 का प्रमाणपत्र अब वैध नहीं रहा। विभागीय अफसरों की अनदेखी से बड़ी संख्या में युवाओं के हाथ से मौका फिसल गया है। अब यह पद कैसे भरे जाएंगे इसका वाजिब जवाब भी किसी के पास नहीं है। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में इधर के वर्षो में बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्तियां हुई हैं। इससे सभी वाकिफ हैं, वहीं इसे भी झुठलाया नहीं जा सकता कि प्रदेश के लाखों युवाओं को भर्ती में मौका न मिलने से निराश भी होना पड़ रहा है। सैकड़ों युवा न्यायालयों में याचिका दायर करने के बाद न्याय मिलने की उम्मीद में दौड़ लगा रहे हैं। वहीं दावेदारों के एक बड़े वर्ग को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा, जब उनकी अर्हता का अहम प्रमाणपत्र टीईटी-2011 की वैधता खत्म हो गई। तमाम भर्तियों में दावेदार बने युवा एक ही झटके में रेस से बाहर हो गए हैं। प्रदेश के उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान-गणित 29334 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। सात चरणों की काउंसिलिंग में बड़ी संख्या में पद भी भरे गए, लेकिन अब भी करीब तीन हजार से अधिक सीटें खाली हैं। युवाओं को उम्मीद थी कि इन पदों पर शिक्षक बनने का उन्हें मौका मिलेगा, लेकिन आखिरकार उम्मीद टूट गई है। 1इस भर्ती की तमाम विसंगतियों को लेकर उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, कुछ दिन पहले ही कोर्ट ने विभागीय अफसरों से खाली सीटें भरने के लिए आठवीं काउंसिलिंग कराने को दो माह का वक्त दिया गया है। इस पर फैसला होने से पहले ही युवा अर्हता प्रमाणपत्र के चलते बाहर हो गए हैं। अब यह पद कैसे भरे जाएंगे, इस संबंध में विभागीय अफसर कुछ कहने को तैयार नहीं है।
सुनवाई के याचियों को मिले लाभ : शिक्षक पात्रता परीक्षा 2011 के तमाम अभ्यर्थी भर्ती में विसंगतियों को लेकर न्यायालय में याचिका दायर किए हैं। युवाओं का कहना है कि उनका प्रमाणपत्र भले ही आज से अवैध हो गया है, लेकिन यदि निर्णय उनके पक्ष में आता है तो इसी प्रमाणपत्र को आधार मानते हुए लाभ दिया जाए। कोर्ट में याची बने युवाओं की तादाद काफी अधिक है।
सुप्रीम कोर्ट की टीम के सामने रोया बजट का रोना, गंगापार और शहर के विद्यालयों की देखी सच्चाई, पूछताछ में शिक्षकों ने विवशता जताई, टीम 28 को सौंपेंगी अपनी रिपोर्ट
इलाहाबाद : सरकार स्वच्छता पर फोकस कर रही है। सरकारी स्कूल स्वच्छता से कोसो दूर हैं। बजट न होने से प्रधानाध्यापक शौचालय की सफाई नहीं करा रहे हैं। अगर करा भी रहे हैं तो प्रधानाध्यापक व्यक्तिगत स्तर से
करा रहे हैं। शुक्रवार को शौचालय व पेयजल की हकीकत देखने निकली सुप्रीमकोर्ट द्वारा गठित टीम के समक्ष शिक्षकों ने बजट का रोना रोया। दो सदस्यीय टीम ने दो ब्लाक समेत नगर क्षेत्र के 20 स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूलों में मिड डे मील, पाठय पुस्तकों की उपलब्धता व शौचालय की साफ सफाई देखी। टीम को दिखाने के लिए शौचालय साफ सुथरे कराए गए थे। 1टीम सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक गुप्ता व गौरव अग्रवाल ने नगर क्षेत्र के एलनगंज प्राथमिक व जूनियर स्कूल का निरीक्षण किया। टीम ने मिड डे मील रजिस्टर, शिक्षक व बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर की पड़ताल की। स्कूल में बने शौचालय व पेयजल व्यवस्था देखी। इसके बाद टीम पुराना कटरा प्राथमिक व जूनियर स्कूल पहुंची। टीम सदस्य गौरव अग्रवाल ने सहायक शिक्षिका स्मिता श्रीवास्तव से पूछा कि शौचालय की सफाई कैसे कराती हैं। बताया कि शौचालय सफाई मद में बजट नहीं है। व्यक्तिगत धन से शौचालय सफाई कराई जाती है। पेयजल के संबंध में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि हैंडपंप से बच्चे पानी पीते हैं। यहां पर टीम करीब पंद्रह मिनट शिक्षकों से मिड डे मील, पाठय पुस्तक समेत कई बिंदुओं पर बातचीत की। इसके बाद टीम धूमनगंज स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरवारा पहुंची। टीम को देखते ही कक्षाओं के बाहर गपशप करतीं शिक्षिकाएं अपनी-अपनी कक्षाओं में चली गईं। स्कूल में मच रहा बच्चों का कोलाहल शांत हो गया। टीम ने शौचालय व पेयजल व्यवस्था देखी। टीम के सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने प्रधानाध्यापिका गीता देवी त्यागी से पूछा कि शौचालय की सफाई कब - कब कराती हैं। उन्होंने तपाक से जवाब दिया कि सर प्रतिदिन सफाई कराई जाती है। उन्होंने टीम के सदस्य गौरव अग्रवाल से शौचालय की सफाई देखने को कहा। उन्होंने बताया कि शौचालय साफ नहीं है। इस पर सीनियर अधिवक्ता ने कहा कि मैडम आप तो कह रही थीं कि प्रतिदिन सफाई कराई जाती है। मैडम ने जवाब दिया कि सर इतने बच्चे हैं, गंदा हो जाता है। सीनियर अधिवक्ता ने पूछा कि किस मद से शौचालय सफाई कराती हैं। इस पर उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत पैसे से सफाई कराई जाती है। परिसर में खड़ी पांच महिलाओं के बारे में सीनियर अधिवक्ता ने पूछा तो उन्हें एडी बेसिक रमेश कुमार ने बताया कि यह रसोइया हैं। पूछताछ में प्रधानाध्यापिका ने बताया कि प्राथमिक में 133 बच्चे हैं और पूर्व माध्यमिक कन्या में 103 छात्रएं पंजीकृत हैं। आपस में टीम ने बातचीत करते हुए कहा कि शौचालय की सफाई में सबसे बड़ी बाधा बजट है। इसके बाद टीम वहां से रवाना हो गई। टीम के जाने के बाद शिक्षिकाओं ने राहत की सांस ली। टीम ने फाफामऊ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण कर शौचालय व पेयजल सुविधा की पड़ताल की। इधर, टीम ने मऊआइमा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बड़गांव प्रथम व द्वितीय और पूर्व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़गांव की हकीकत देखी। मिड डे मील की परिवर्तन लागत और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में शिक्षकों से बातचीत की। इसके बाद प्राइमरी जमुई पहुंचकर सुविधाओं की पड़ताल की। प्राथमिक विद्यालय बड़गांव प्रथम के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार गिरि, प्राइमरी द्वितीय की प्रधानाध्यापिका जय लक्ष्मी, बड़गांव जूनियर की प्रधानाध्यापिका ऊषा मौर्य और प्राथमिक विद्यालय जमुई की प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी व जूनियर की प्रधानाध्यापिका गौसिया सुल्ताना ने टीम को बताया कि शौचालय की साफ सफाई मद में कोई बजट नहीं होने से व्यक्तिगत खर्च से कराना पड़ता है। टीम ने कहा कि राजस्व गांवों में तैनात सफाई कर्मी यदि प्रतिदिन विद्यालयों में सफाई कर दें तो शौचालय सफाई की समस्या दूर हो सकती है। टीम ने इस समस्या को सुप्रीमकोर्ट के समक्ष रखने का शिक्षकों को आश्वासन दिया। टीम ने सोरांव ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हरिरामपुर, प्राथमिक विद्यालय विशुनदास का पुरा, प्राथमिक विद्यालय थरवई व जूनियर और प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल मटियारा का निरीक्षण किया। टीम के सदस्य और सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक गुप्ता ने बताया कि स्कूलों के शौचालय व पेयजल समेत कई बिंदुओं पर शिक्षकों से बातचीत की गई है। सुप्रीमकोर्ट को 28 नवंबर को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस मौके पर एडी बेसिक रमेश तिवारी एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिकेश यादव सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।
RO-ARO: 315 पद, 3.85 लाख दावेदार, मीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा में एक पद पर हजार से अधिक अभ्यर्थियों का मुकाबला
इलाहाबाद : समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा में एक पद पर हजार से अधिक अभ्यर्थियों का मुकाबला होगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने शुक्रवार को अभ्यर्थियों की कुल संख्या सार्वजनिक की है।
इसमें तीन लाख 85 हजार 191 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है जो कि एक रिकार्ड है। हालांकि इनमें बड़ी संख्या ऐसे अभ्यर्थियों की भी है जो 2014 की परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। यह परीक्षा 315 पदों के लिए प्रदेश के 21 जिलों में होगी। आयोग ने यह परीक्षा 361 पदों के लिए विज्ञापित की थी लेकिन 46 पद हटाए जा चुके हैं। आयोग के सचिव अटल कुमार राय ने बताया कि शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सचिवालय के समीक्षा अधिकारी (हंिदूी) के 13 पद, विशेष चयन के एक पद, समीक्षा अधिकारी (उर्दू) के 12 पद और विशेष चयन के चार पदों को इस परीक्षा से अलग कर दिया गया है। अलग से विज्ञापन जारी किया जाएगा। विधान परिषद सचिवालय के समीक्षा अधिकारी के चार पदों और सहायक समीक्षा अधिकारी के 12 पदों का अधियाचन शासन ने निरस्त कर दिया है। सचिव ने बताया कि परीक्षा के लिए पर्यवेक्षक संबंधित जिलों में पहुंचकर जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर चुके हैं। परीक्षा दो सत्रों में प्रात: 9.30 से 11.30 बजे तक (सामान्य अध्ययन) और दोपहर ढाई बजे से साढ़े तीन बजे तक (सामान्य हंिदूी) होगी। 827 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
14 हजार से अधिक शिक्षक लेंगे इम्तिहान, ’ यूपी बोर्ड में परीक्षार्थी घटने से परीक्षक भी होंगे कम ’ जल्द जारी होगी सूची
इलाहाबाद : यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा अगले माह शुरू होनी है। इस बार 14 हजार से अधिक परीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी, परीक्षकों की सूची अंतिम चरण में है जल्द ही वह जारी होगी। प्रयोगात्मक परीक्षकों की तैनाती में
इस मर्तबा बड़ा उलटफेर होने के संकेत हैं, क्योंकि वित्तविहीन महाविद्यालय शिक्षकों के साथ ही पूर्व शिक्षकों को परीक्षक बनाने की नियमावली में बदलाव हुआ है। 1माध्यमिक शिक्षा परिषद यानि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं 22 दिसंबर से शुरू होनी है। यह परीक्षा सभी 18 मंडलों में दो चरणों में हो रही है, उसका अलग-अलग कार्यक्रम जारी हुआ है। साथ ही नियम-निर्देश भी जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे जा चुके हैं। इसमें बताया गया है कि इंटर की प्रायोगिक परीक्षा में ही बाहरी परीक्षक लगाए गए हैं, जबकि हाईस्कूल स्तर का इम्तिहान आंतरिक मूल्यांकन के तहत होगा और प्रधानाचार्य ही ऑनलाइन अंक देंगे। अब सभी की निगाह परीक्षकों की सूची पर टिकी हैं, क्योंकि परीक्षकों में उलटफेर हो गया है। पिछले वर्षो के अनुभव के आधार पर वित्तविहीन महाविद्यालय शिक्षकों को इस बार पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह पर माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को मौका दिया जा रहा है। 1पूर्व शिक्षकों के आवेदन एवं उनकी उम्र सीमा तय होने से भी काफी असर पड़ा है। असल में यह निर्देश हुआ है कि पूर्व शिक्षक जिस विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए हैं वहीं से ऑनलाइन आवेदन नए सिरे से करें, उनके डाक से आए आवेदन मान्य नहीं होंगे। वहीं जिन पूर्व शिक्षकों की आयु 70 वर्ष पूर्ण हो चुकी है उन्हें परीक्षक नहीं बनाया जाएगा। इस कदम से तमाम शिक्षक बाहर हो गए हैं कुछ अधिक आयु के कारण तो कई ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए हैं। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या होने से परीक्षक खोजने में विभाग को कोई कठिनाई हो रही है। इस माह के अंत तक सभी जिलों को परीक्षकों की सूची मुहैया करा दी जाएगी। सूत्रों की मानें तो इस बार परीक्षार्थी कम होने से परीक्षक 14 हजार के आसपास लगाने होंगे। ज्ञात हो कि पिछले वर्ष 15 हजार से अधिक परीक्षक तैनात हुए थे। परिषद सचिव शैल यादव ने बताया कि सारी तैयारियां लगभग पूरी हैं, केवल सूची जारी होना शेष है।
स्कूलों में आउटसोर्स से चतुर्थश्रेणी चयन को चुनौती
इलाहाबाद : प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति सीधी भर्ती से करने की बजाय आउटसोर्स करने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल हुई हैं। हाईकोर्ट इन याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करेगा। याचिकाओं में उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट एक्ट 1921 के रेग्युलशन 101 में हुए संशोधन को चुनौती गई है।
इस संशोधन के जरिए माध्यमिक स्कूलों में प्रबंधन से चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार खत्म कर दिया गया है। साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्स करने का प्रावधान किया गया है। याचिका में कहा गया है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद स्थायी प्रकृति का है। इसलिए इस पद पर स्थायी नियुक्ति ही की जानी चाहिए। स्थायी पद होने के कारण नियमावली में किया गया संशोधन अवैधानिक है क्योंकि नियमानुसार स्थायी व नियमित पद को आउटसोर्स से नहीं भरा जा सकता।
पढ़ाने से पहले खुद को अपडेट करें गुरुजन
लखनऊ : आईएससी/आईसीएसई प्रधानाचार्य सम्मेलन का समापन, परम्पराओं और संस्कृति से बच्चों को कराएं रूबरू
लखनऊ।
काउन्सिल फॉर द इण्डियन स्कूल सार्टिफिकेट एक्जामिनेशन (सीआईएससीई) के चेयरमैन डॉ. जी इमैनुअल ने शिक्षकों को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुसार नई तकनीकों को सीखने को कहा है। उन्होंने सुझाव दिया है कि क्लास में कुछ भी सुखाने या पढ़ाने से पहले शिक्षक खुद को अपडेट जरूर करें।
डॉ.इमैनुअल सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के कानपुर रोड़ परिसर में ‘आईएससी एवं आईसीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्यों के 59वां वार्षिक सम्मेलन के समापन समारोह में शुक्रवार को बोल रहे थे। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षकों को खूब यात्राएं भी करनी चाहिए। ताकि, विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों व परम्पराओं से स्वयं को रूबरू कराएं और उन्हें अपने छात्रों को अच्छे से सिखा सकें।
इन तीन दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत बुधवार को की गई थी। समापन पर सभी शिक्षाविदों ने गुणात्मक शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया एवं भावी पीढ़ी के सर्वांगीण विकास का संकल्प व्यक्त किया। सीएमएस कानपुर रोड कैम्पस के छात्रों ने ‘स्कूल प्रार्थना प्रस्तुत की। सिटी मोन्टेसरी स्कूल की मेजबानी में आयोजित इस सम्मेलन में देश भर के आईएससी व आईसीएसई स्कूलों के करीब 1500 प्रधानाचार्य व शिक्षाविदों ने प्रतिभाग किया। सीएमएस के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि शिक्षाविद् व प्रधानाचार्या दोपहर बाद लखनऊ भ्रमण पर निकले। यहां की ऐतिहासिक इमारतों के अवलोकन के साथ गंगा-जमुनी तहजीब से रूबरू हुए।
सरकार ने किए 44 पीसीएस अफसरों के तबादले, ज्यादातर एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट बदले
लखनऊ : प्रदेश सरकार ने शुक्रवार की शाम को एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 44 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इनमें ज्यादातर एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी इधर से उधर किए गए हैं। कुछ अधिकारियों को एसडीएम से प्रोन्नत करके सिटी मजिस्ट्रेट और कुछ को सिटी मजिस्ट्रेट से प्रोन्नत करके एडीएम बनाया गया है।
नाम----------------------कहां थे-------------------------कहां गए---------------------------
श्रीकृष्ण एडीएम वित्त कौशांबी अपर आयुक्त ग्राम्य विकास लखनऊ
राकेश श्रीवास्तव सिटी मजिस्ट्रेट झांसी एडीएम वित्त कौशांबी
गुरू प्रसाद एसडीएम मैनपुरी सिटी मजिस्ट्रेट झांसी
जयशंकर त्रिपाठी एडीएम वित्त फैजाबाद उपायुक्त खाद्य एवं रसद लखनऊ
मदन चंद्र दुबे सिटी मजिस्ट्रेट फैजाबाद एडीएम वित्त फैजाबाद
रामनारायण पटेल एसडीएम हरदोई सिटी मजिस्ट्रेट फैजाबाद
कैलाश नाथ सहगल एडीएम वित्त मुरादाबाद संयुक्त निदेशक आयुर्वेद निदेशालय लखनऊ
हिमांशु गौतम सिटी मजिस्ट्रेट बुलंदशहर एडीएम वित्त मुरादाबाद
राम गोपाल एसडीएम कन्नौज सिटी मजिस्ट्रेट बुलंदशहर
बृज बिहारी पांडेय एडीएम वित्त चंदौली उप भूमि व्यवस्था आयुक्त, राजस्व परिषद
राजेंद्र सिंह सिटी मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर एडीएम वित्त चंदौली
मोहम्मद नईम एसडीएम अमरोहा सिटी मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर
पुष्पेंद्र कुमार जैन एडीएम वित्त सिद्धार्थनगर उप निदेशक भूमि अध्याप्ति सिंचाई लखनऊ
बाबू राम उप संचालक चकबंदी सुल्तानपुर एडीएम वित्त सिद्धार्थनगर
इंद्रासन यादव एडीएम वित्त सुल्तानपुर उप निदेशक मंडी परिषद लखनऊ
अमरनाथ राय सिटी मजिस्ट्रेट मऊ एडीएम वित्त सुल्तानपुर
रामअभिलाष द्वितीय एसडीएम संत कबीरनगर सिटी मजिस्ट्रेट मऊ
राममूर्ति मिश्रा एडीएम प्रशासन बिजनौर उप निदेशक मंडी परिषद इलाहाबाद
मदन सिंह गारब्याल एडीएम प्रशासन रामपुर एडीएम प्रशासन बिजनौर
उमेश कुमार मंगला वेटिंग में एडीएम प्रशासन रामपुर
महेंद्र सिंह सीडीओ सोनभद्र अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद
रामाश्रय वेटिंग में सीडीओ सोनभद्र
प्रवीण अग्रवाल अपर आयुक्त आगरा अपर आयुक्त इलाहाबाद
शारदा प्रसाद यादव एडीएम सिविल सप्लाई कानपुर नगर उप भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद
चित्रलेखा सिंह कमांडेंट नागरिक सुरक्षा संस्थान लखनऊ एडीएम सिविल सप्लाई कानपुर नगर
ज्वाला प्रसाद तिवारी अपर आयुक्त फैजाबाद अपर आयुक्त देवीपाटन
श्यामा कुमार भट्ट उप संचालक चकबंदी लखनऊ संयुक्त दुग्ध आयुक्त लखनऊ
प्रभात कुमार शर्मा अपर आयुक्त बरेली अपर आयुक्त आगरा
राजाराम अपर आयुक्त देवी पाटन अपर आयुक्त बस्ती
सूर्य मणि लाल चंद्र विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा अपर आयुक्त मिर्जापुर
राम सिंह गौतम अपर नगर आयुक्त आगरा एडीएम सिविल सप्लाई आगरा
डा.कंचन सरन अपर आयुक्त उद्योग मुरादाबाद एडीएम प्रोटोकाल आगरा
चंद्रशेखर उप संचालक चकबंदी गौतमबुद्धनगर आरएफसी मुरादाबाद
राम सेवक द्विवेदी सिटी मजिस्ट्रेट सीतापुर एडीएम वित्त औरेया
जगदम्बा प्रसाद गुप्ता एसडीएम कुशीनगर सिटी मजिस्ट्रेट सीतापुर
मंजूलता उप संचालक चकबंदी बुलंदशहर एडीएम भूमि अध्याप्ति मेरठ
हरिप्रताप शाही नगर आयुक्त वाराणसी विशेष सचिव कृषि
हरिकेश चौरसिया एडीएम प्रशासन लखनऊ नगर आयुक्त वाराणसी
अविनाश सिंह एडीएम सिटी कानपुर नगर एडीएम प्रशासन लखनऊ
कामता प्रसाद सिंह एडीएम भूमि अध्याप्ति गौतमबुद्धनगर एडीएम सिटी कानपुर नगर
अथर किशोर मिश्रा उप संचालक चकबंदी मुजफ्फरनगर एडीएम भूमि अध्याप्ति गौतमबुद्धनगर
अवधेश श्रीवास्तव एसडीएम प्रतापगढ़ एसडीएम बांदा
प्रभू दयाल एसडीएम सहारनपुर एसडीएम संभल
देवकृष्ण तिवारी वेटिंग में अपर आयुक्त वाराणसी
कस्तूरबा स्कूल की नौ छात्राएं बीमार
गोण्डा : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रुपईडीह बनगाई में पढ़ रही नौ छात्राएं बीमार हो गई। जिनका एकाउण्टेंट प्रियंका द्विवेदी व प्रतिमा पाण्डेय ने सीएचसी रुपईडीह में उपचार कराया।
डा. शिवकुमार ने छात्राओं का परीक्षण दवा देने के साथ ठण्ड मौसम में एहतियात बरतने का सुझाव दिया। सीएचसी में उपचार के लिए आईं मीनाक्षी श्रीवास्तव, उषा गौतम, फूलजहां, मालती वर्मा, खुशबू गौतम, रूबी वर्मा, महिमा पाण्डेय, पुष्पा चौहान व अतीकुल निशा ने शिकायती लहजे में बताया कि उन्हें इस वर्ष नया डे्रस नहीं मिला है, पुराने ड्रेस से जाड़े में बिना स्वेटर के रह रही हैं।
बिस्तर फटे हैं, किसी तरह घर से लाए लिहाफ के सहारे काम चला रही है। इस बारे में वार्डेन नीलम वर्मा ने बताया कि वह दो दिन बाद छुट्टी से घर वापस लौटी हैं। बीमार छात्राओं का उपचार कराया गया है। ठंडक का सामान न मिलने से वितरण कार्य रूका है। अधिकारी लापरवाह हैं।
छह आईपीएस का तबादला, गोण्डा में नए डीआईजी
प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को छह आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद में डीआईजी (स्थापना) अनिल कुमार राय को देवीपाटन रेंज गोण्डा का डीआईजी नियुक्त किया गया है।
आईजी यातायात लखनऊ अमिताभ यश को आईजी पीएसी मुख्यालय लखनऊ, आईजी पीएसी मुख्यालय लखनऊ एसबी शिरडकर को आईजी आईटेक्स (यूपी 100) लखनऊ, आईजी देवीपाटन रेंज गोण्डा जितेन्द्र प्रताप सिंह को आईजी पीटीएस गोरखपुर, डीजीपी मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध एसपी संतोष कुमार मिश्र को एसपी तकनीकी सेवाएं लखनऊ तथा एसपी तकनीकी सेवाएं लखनऊ देवरंजन वर्मा को एसपी आईटेक्स (यूपी 100) लखनऊ के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
चुनाव के बहाने बिजली पहुंचेगी स्कूलों में
राज्य मुख्यालय। चुनाव नई सरकार का... सत्ता का... लेकिन रोशनी होगी स्कूलों में..। 2017 के चुनावों की बदौलत बच्चे पंखे की हवा में बैठ पाएंगे। चुनावों में पोलिंग स्टेशन बनने की वजह से प्रदेश के 45 हजार से ज्यादा स्कूलों को में इसी बहाने बिजली पहुंचेगी।
प्रदेश के ऐसे 45,809 प्राइमरी स्कूल मतदेय स्थल के रूप में चिह्नित हुए हैं जहां अब भी बिजली नहीं पहुंची है। यदि इन्हे पोलिंग स्टेशन बनाया गया तो ऐसे स्कूलों तक अब बिजली पहुंचाई जाएगी। हर पोलिंग स्टेशन पर बिजली, रैम्प, शौचालय, फर्नीचर, शेड, हैण्डपम्प आदि का होना अनिवार्य है। चूंकि पिछले वर्षों में चले स्वच्छ भारत अभियान के तहत ज्यादातर स्कूलों में शौचालय और पीने की पानी की व्यवस्था है। लेकिन अब भी गांवों में अंदर बसे कई स्कूलों में बिजली नहीं पहुंची है। चुनाव के बहाने ही सही, कुछेक हजार स्कूल अब बिजली से रोशन होंगे। इनमें सबसे ज्यादा स्कूल सीतापुर, इलाहाबाद, लखीमपुर, फर्रुखाबाद आदि के हैं।
स्कूलों में बिजली न होने के चलते ही गर्मियों में स्कूलों के समय को लेकर शिक्षकों में गुस्सा रहता है। शिक्षक 12 बजे के बाद कड़क गर्मी होने के कारण स्कूलों में रुकना नहीं चाहते। स्कूलों में शौचालय और पीने का पानी की व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो गई है जबकि बिजली को लेकर ऐसा कोई आदेश नहीं है। पीने के पानी के लिए हैण्डपम्प तो स्कूलों में लगे ही हैं। बीते दिनों सरकार ने सौर ऊर्जा से चलने वाले आरओ सिस्टम को सूबे के कुछ स्कूलों में लगाने का निर्णय लिया है।
यूपी के 146 जीजीआईसी में बनेंगे शौचालय
इलाहाबाद : प्रदेशभर के 146 राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों में शौचालय बनेंगे। प्रत्येक शौचालय ब्लाक पर 19.46 लाख रुपए खर्च होंगे। सपा सरकार ने 28.41 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है। 21 अक्तूबर को पहली किश्त के रूप में 14.60 करोड़ जारी कर दिए गए हैं।
समाज कल्याण निर्माण निगम को जिम्मा
शौचालय निर्माण का जिम्मा समाज कल्याण निर्माण निगम को दिया गया है। मानक और गुणवत्ता की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक और संबंधित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य की होगी। अधिकांश जीजीआईसी ग्रामीण क्षेत्र में है जहां शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं थी।
इलाहाबाद में 11 गर्ल्स कॉलेज को मिलेगी सुविधा
जिले के 11 गर्ल्स कॉलेजों में शौचालय को मंजूरी मिली है। कौशाम्बी में दो व फतेहपुर में 5 कॉलेजों में शौचालय की सुविधा दी जाएगी। गाजीपुर में भी 11 कॉलेजों में निर्माण होना है। आगरा, बहराईच, मौनपुरी, पीलीभीत व बुलंदशहर में 5-5, गोरखपुर, महोबा, बरेली व बदायूं में 4-4 कॉलेजों में सुविधा बढ़ाई जा रही है।
इनका कहना है
शहर के दोनों जीजीआईसी समेत जिले के कुल 11 कॉलेजों में शौचालय ब्लाक के बजट मिला है।
मो. रफीक, डीआईओएस टू
नोटबंदी के कारण सीएम से परीक्षा टालने की मांग
इलाहाबाद : प्रतियोगी छात्रों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2016 (आरओ-एआरओ प्री) स्थगित करने की मांग की है। इनका कहना है कि 500 और 1000 के नोट पर प्रतिबंध के कारण ज्यादातर छात्र आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
बैंक से पैसा निकालने में मुश्किल तो हो ही रही है एटीएम से भी सिर्फ दो हजार रुपये ही निकाले जा सकते हैं। ऐसे में रेल और बस से दूसरे जिलों में जाने वहां रात में रहने और अगले दिन परीक्षा देकर वापस आने में खर्च के लिए 1500 से 2000 रुपये जुटा पाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण इलाके के जिन छात्रों के पास एटीएम, क्रेडिट कार्ड आदि नहीं हैं उनके लिए पैसे का इंतजाम करना तो और भी मुश्किल हो रहा है।
21 जिलों में होनी है प्रारंभिक परीक्षा
आरओ-एआरओ प्री 2016 परीक्षा 27 नवंबर को दो पालियों में इलाहाबाद सहित सूबे के 21 जिलों में होनी है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़, फैजाबाद, गोरखपुर, जौनपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, रायबरेली, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर, इटावा, आगरा, मैनपुरी, मथुरा और बाराबंकी जिले शामिल हैं।
आयोग से भी की गई थी मांग
आयोग ने जब से ऑन लाइन आवेदन लेने की व्यवस्था शुरू की है तब से रैंडमाइजेशन कर परीक्षा केंद्रों का आवंटन किया जाता है। इसलिए महिलाओं, विकलांगों को छोड़ बाकी परीक्षार्थियों का सेंटर दूसरे जिले में ही पड़ता है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति से जुड़े प्रतियोगियों ने पिछले दिनों जिला प्रशासन और आयोग के अफसरों को ज्ञापन देकर परीक्षा टालने या जिस जिले से आवेदन किया गया है उसी जिले में परीक्षा केंद्र बनाने की मांग उठाई थी। जिस दिन यह मांग उठी उसी दिन आयोग ने इस परीक्षा के प्रवेश पत्र ऑन लाइन कर दिए थे। यही वजह है कि अब परीक्षार्थियों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
टीईटी-11 के साढ़े चार लाख सर्टिफिकेट बेकार
इलाहाबाद : टीईटी-11 के साढ़े चार लाख सर्टिफिकेट गुरुवार की रात 12 बजे के बाद रद्दी के टुकड़े की तरह हो गए। अब 2011 में पहली बार आयोजित टीईटी के आधार पर कोई शिक्षक बनने के लिए दावेदारी नहीं कर सकेगा। यूपी में पहली बार 13 नवंबर 2011 को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) हुई थी। इसका रिजल्ट 25 नवंबर 2011 को घोषित किया गया।
प्रमाणपत्र की वैधता पांच साल थी। टीईटी-11 में प्राथमिक स्तर में 2.99 लाख और उच्च प्राथमिक स्तर में 2.73 लाख कुल तकरीबन पांच लाख 72 हजार अभ्यर्थी पास हुए थे। टीईटी-11 में सफल अभ्यर्थियों को पांच सालों में चार भर्ती 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक, प्राइमरी स्कूलों में 9770 व 10800 सहायक अध्यापक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान-गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती में अवसर मिला।
इस लिहाज से मान लिया जाए कि सवा लाख युवाओं को नौकरी मिल गई तो भी साढ़े चार लाख प्रमाणपत्र बेकार हो गए। अब प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने के साथ इनके आधार पर भविष्य में भर्ती के सारे रास्ते बंद हो गए हैं।
30 को शिक्षा निदेशालय का करेंगे घेराव
इलाहाबाद। बारह लाख बीएड उत्थान जनमोर्चा की ओर से 30 नवंबर को शिक्षा निदेशालय का घेराव किया जाएगा। पहले बेरोजगार बालसन चौराहे पर धरना देंगे। वहां से जुलूस की शक्ल में शिक्षा निदेशालय पहुंचेंगे और घेराव करेंगे। प्रमुख मांगों में राजकीय कॉलेजों की एलटी भर्ती लिखित परीक्षा से कराने, उच्च प्राथमिक स्कूलों में 50 प्रतिशत भर्ती बीएड अभ्यर्थियों से करने और उर्दू की तरह अन्य विषयों की भर्ती करने की मांग शामिल है।
जेईई मेन 2017 : आधार को सीबीएसई ने बनाए हेल्प सेंटर, एनरोलमेंट और पंजीकरण से भी भर सकेंगे फार्म
कानपुर : ‘जेईई मेन 2017 के फार्म पहली दिसंबर से ऑनलाइन भरे जाएंगे। इस परीक्षा को कराने वाली संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेण्ड्री एजूकेशन (सीबीएसई) ने स्पष्ट कर दिया है कि जम्मू कश्मीर और मेघालय को छोड़ शेष राज्यों के छात्र बिना आधार के यह फार्म नहीं भर सकेंगे। छात्रों की मदद के लिए बोर्ड देश भर में सहायता केन्द्र खोल रहा है। इसकी लिस्ट शुक्रवार या शनिवार को जारी कर दी जाएगी। यहां नि:शुल्क आधार बनाए जाएंगे। जेईई मेन का आवेदन आधार के एनरोलमेंट अथवा पंजीकरण संख्या को भर कर भी किया जा सकेगा।
सीबीएसई के अधिशाषी निदेशक (जैब) ने जेईई मेन के फार्म भरने में आधार की जरूरत और कुछ अन्य बिन्दुओं को गुरुवार को स्पष्ट किया। स्कूलों से भी कहा है कि वे छात्रों को इसके लिए जागरुक करें। आधार एक्ट के सेक्शन तीन के अन्तर्गत आने वाले सभी नागरिकों का आधार बन सकेगा। यह भी स्पष्ट किया कि आधार की अनिवार्यता नाम, जन्म तिथि और लिंग की पहचान के लिए की जा रही है।
सीबीएसई सहायता केन्द्र में देगा सुविधाएं : सीबीएसई देश भर में उन छात्रों के लिए सहायता केन्द्र बनाएगा जिनके आधार नहीं बन पाए हैं या अन्य किसी तरह की समस्या है। यह सुविधा सीबीएसई पूरी तरह नि:शुल्क देगा। इसकी लिस्ट www.jeemain.nic.in पर जारी की जाएगी। ऐसे छात्र जो www.uidai.gov.in पर एनरोल करा चुके हैं लेकिन अभी तक उन्हें आधार नंबर नहीं मिला है , वह 28 डिजिट वाला नंबर डालकर फार्म पर भर सकते हैं। यदि हेल्प सेंटरों पर आधार एनरोलमेंट की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो यह सेंटर छात्र को एक रजिस्ट्रेशन नंबर इश्यू कर देंगे। इस रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल भी छात्र फार्म भरने में कर सकेंगे।
जम्मू-कश्मीर और मेघालय के लिए : जम्मू-कश्मीर और मेघालय के छात्रों के लिए आधार की अनिवार्यता नहीं रहेगी। यहां के छात्र अपनी पहचान के तौर पर पासपोर्ट नंबर, राशनकार्ड नंबर, बैंक खाता नंबर या कोई भी सरकारी पहचान देकर फार्म भर सकेंगे।
कब से भरे जाएंगे फार्म : सीबीएसई-जैब (जेईई मेन 2017) के अनुसार पहली दिसंबर से ऑनलाइन फार्म भरे जाने हैं। दो जनवरी 2017 तक यह फार्म भरे जा सकेंगे। फीस तीन जनवरी तक जमा की जा सकेगी। कॉपी-पेन परीक्षा दो अप्रैल और पेपर 01 ऑनलाइन परीक्षा 08 और 09 अप्रैल को होगी। पेपर दो की ऑफ लाइन परीक्षा दो अप्रैल को ही होगी।
27 को लखनऊ कूंच करेंगे शिक्षा प्रेरक
ज्ञानपुर (भदोही) : आदर्श साक्षरता कर्मी वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को हरिहरनाथ मंदिर पर दिलीप कुमार शुक्ल के अध्यक्षता में हुई। इस दौरान शिक्षा प्रेरकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। अध्यक्ष दिलीप शुक्ल ने कहा कि 28 नवम्बर को सभी शिक्षा प्रेरक मांगों को लेकर विधान सभा का घेराव करेंगे। उन्होंने 27 नवम्बर को जिले के समस्त शिक्षा पे्ररकों से लखनऊ में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया। इस मौके पर हरिओम बिंद, देवेश कुमार तिवारी, नीलेश पाठक, आशिष कुमार चौबे, संजय कुमार, धर्मेन्द्र कुमार सिंह, विनोद तिवारी, उपदेश कुमार दूबे, प्रज्ञा सिंह, गंगाजली सोनी पांडेय आदि रहे।
कॉलेजों में 75 फीसदी से कम उपस्थिति पर नहीं दे सकेंगे परीक्षा
जौनपुर : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने स्नातक व परास्नातक कक्षाओं की परीक्षा को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। परीक्षा में सुचिता लाने के लिए नियमावली में और पारदर्शिता लाने की कवायद शुरू कर दी है। इस बार कक्षाओं में 75 फीसदी से कम उपस्थित वाले छात्रों को परीक्षा में न बैठने के लिए कड़े निर्देश जारी की गयी है। अब स्नातक परास्नातक कक्षाओं से जी चुराने वाले छात्रों की मुश्किलें बढ़ सकती है, पढ़ाई के दौरान कक्षाओं में 75 फीसदी से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। इस बारे में परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह का कहना है कि परीक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही नजरअंदाज नहीं की जायेगी। कालेजों को अपनी मानकों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
परम्परा और शिक्षकों के अनुभवों का लाभ उठाएं
वाराणसी : यूपी कॉलेज के 107वें स्थापना दिवस समारोह में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। केसरिया साफा पहने छात्र राजर्षि सभागार में अलग नजारा प्रस्तुत कर रहे थे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी रंग जमाया। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने मेधावियों को पुरस्कृत किया और उन्हें सफलता के मंत्र दिए।
मुख्य अतिथि ने कहा कि आज के दौर में छात्रों को विभिन्न स्तरों से सूचनाएं मिल रहीं हैं लेकिन अपनी परम्परा और शिक्षकों के अनुभवों का भी लाभ उठाना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्तित्व का विकास होगा और जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने छात्रों को बताया कि उनकी सोच ही उन्हें सफलता का रास्ता बतायेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ रानी मुरार बालिका विद्यालय की छात्राओं के स्वागत गीत से हुआ। स्वागत संबोधन में कॉलेज प्रबंध समिति के संयुक्त सचिव डॉ. अनुज प्रताप सिंह ने नई पीढ़ी को राजर्षि के योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कालबेलिया नृत्य ने मोहा मन
उदय प्रताप पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने राजस्थान के लोकनृत्य कालबेलिया की शानदार प्रस्तुति की। रानी कुमार बालिका विद्यालय की छात्राओं की 'शिव स्तुति' पर आधारित भाव नृत्य ने भी सबको प्रभावित किया।
महिला छात्रावास स्वच्छता में अव्वल
स्थापना दिवस के सप्ताहव्यापी कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। डिग्री कॉलेज की सांस्कृतिक एवं स्वच्छता प्रतियोगिता की शील्ड महिला छात्रावास को मिली। इंटर की सांस्कृतिक एवं पीटी प्रतियोगिता का शील्ड छात्रावास आठ को प्रदान किया गया। इंटर की स्वच्छता का शील्ड छात्रावास नौ को दिया गया।
सेवानिवृत शिक्षकों और कर्मचारियों का सम्मान
इस अवसर पर यूपी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एनपी सिंह, सुरेश चंद्र, मुरली मनोहर पांडेय, रामाश्रय, अशोक कुमार, देवी प्रसाद सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, नील कमल और विनोद कुमार श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष प्रोफेसर कीर्ति सिंह और धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डॉ. एसएन सिंह ने किया। संचालन डॉ. प्रज्ञा पारमिता और ज्ञान प्रभा सिंह ने किया। इस अवसर पर आभा सिंह, संगीता कुमार, अमन कुमार गुप्ता, प्रॉक्टर डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह और मेजर अरविंद सिंह आदि मौजूद थे।
51 विद्यालयों ने परीक्षा केंद्रों पर जताई आपत्ति
वाराणसी : यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों को लेकर 51 विद्यालयों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इनमें अधिकतर विद्यालयों का कहना है कि प्रस्तावित केन्द्रों पर उनके छात्रों के साथ अन्याय होने की संभावना है। कुछ विद्यालयों ने केंद्र बनने से इनकार किया है।
बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से 162 प्रस्तावित केंद्रों की सूची सार्वजनिक की गई थी। इसके बाद विद्यालयों से आपत्तियां मांगी गईं थीं। इसी क्रम में 51 विद्यालयों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कुछ विद्यालयों ने दूरी का भी मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि दूरी अधिक होने उनके विद्यार्थियों को परेशानी होगी। आपत्तियों का वर्गीकरण करके उसे फिर जिला केंद्र निधार्रण समिति के पास भेजा जाएगा। जिला स्तर से केंद्रों का निर्धारण 28 नवम्बर तक कराने की योजना है। इसके बाद इसे मंडलीय समिति के पास भेजा जाएगा।
दूसरी ओर बोर्ड के अपर सचिव ने सभी जिलों को एक पत्र भेजा है जिसमें उनसे यथाशीघ्र केंद्र निर्धारण सूची भेजने को कहा गया है। वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय से सम्बद्ध 26 जिलों में किसी ने अब तक केंद्रों की सूची नहीं भेजी है जबकि प्रयोगात्मक परीक्षा की तिथियां घोषित कर दी गईं हैं।
अव्यवस्थाओं के बीच बेसिक की खेल रैली का रंगारंग आगाज
लखीमपुर-खीरी : बेसिक की जिला खेल रैली जीआईसी मैदान पर शुक्रवार की सुबह रंगारंग कार्यक्रमों के साथ शुरू हुई। डीएम आकाश दीप ने दीप जलाकर रैली की शुरुआत की। ब्लॉकों के विजेता रहे छात्र-छात्राओं ने जिला रैली में जमकर पसीना बहाया। डीएम के जाने के बाद मैदान पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला हो गया। ट्रैक पर कई बार जानवरों के घुसने से बच्चों में अफरातफरी मच गई वहीं दोपहर तक बच्चों को पानी तक नसीब नहीं हुआ।
जीआईसी मैदान पर सुबह नौ बजे डीएम आकाशदीप, सीडीओ अमित सिंह बंसल ने जिला रैली की शुरुआत दीप जलाकर फीता काटकर की। डीएम ने संबोधित भी किया। बीएसए संजय शुक्ल ने जिला खेल रैली के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। बीईओ मुख्यालय सुरेश पाल ने बताया कि दो दिवसीय इस जिला खेल रैली में ब्लॉकों से जीतकर आए छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत करने के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस दौरान बीईओ बिजुआ अनुराग मिश्रा के साथ सभी खंड शिक्षा अधिकारी और डीआईओएस डॉ. ओपी सिंह मौजूद रहे। इसके बाद शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला।
प्रतियोगिताओं में विजेता बनने के लिए बच्चों ने खूब पसीना बहाया। दौड़, लम्बी कूद, कबड्डी, अंत्याक्षरी, गोला फेंक सहित अन्य प्रतियोगिताएं हुईं। डीएम के मैदान से जाने के बाद आयोजन में अव्यवस्थाओं का बोलबाला हो गया।
ट्रैक पर जानवरों के पहुंचने से अफरात
बेसिक की जिला खेल रैली में अव्यवस्थाओं से बच्चों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने में दिक्कत हुई। कई बार ट्रैक पर छुट्टा जानवर पहुंच गए। जानवरों के अचानक खेल आयोजनों के बीच पहुंचने से बच्चों में अफरातफरी मच गई। लेकिन आयोजकों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। यहां खेल आयोजन में तैनात किए गए शिक्षक भी खेलों से ज्यादा ट्रैक पर एक-दूसरे के साथ बातें करने में मशगूल रहे।
दोपहर तक पानी न मिलने से सूखा गला
खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बाद बच्चों को पानी की तलाश में भटकना पड़ा। दोपहर एक बजे तक मैदान पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं रही। पानी पीने लिए बच्चे इधर-उधर घूमते नजर आए। एक बजे के लगभग पानी लेकर नगर पालिका का टैंकर मैदान पर पहुंचा। बच्चों ने टैंकर से पानी पीकर प्यास बुझाई।
कागज के टुकड़े पर खाया खाना
जिला खेल रेली में भाग लेने आने वाले बच्चों को खाने की व्यवस्था भी काफी खराब रही। जबकि समितियां गठित कर इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। भूख लगने पर बच्चों ने मैदान पर ही खाना शुरू कर दिया। जमीन पर बैठकर लंच पैकेट की पूड़ी सब्जी खाई। लंच पैकेट देने के बाद शिक्षकों ने बच्चों के बैठने तक का कहीं इंतजाम नहीं किया।
मुक्त विवि में अगले सत्र से योगा में यूजी-पीजी कोर्स
इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि में आगामी सत्र से योग में स्नातक एवं परास्नातक (यूजी-पीजी) पाठ्यक्रम की पढ़ाई होगी। राष्ट्रीय स्तर पर योग की मांग एवं यूजीसी के निर्देश पर विवि की ओर से योग में स्नातक एवं परास्नातक के लिए सीबीसीएस के आधार कोर्स तैयार कर लिया गया है। विवि कार्य परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में मानविकी विद्या शाखा के तहत योग में स्नातक, परास्नातक तथा पीजी डिप्लोमा चलाए जाने का निर्णय लिया गया। विवि ने इसके साथ नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को कार्यक्रम पूरा करने पर फोटोयुक्त डिग्री देने का फैसला किया है।
विवि की कार्य परिषद की बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने की। बैठक में अवध विवि के कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल, बीएचयू केप्रोफेसर रजनी रंजन झा, डॉ. बीबी अग्रवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कार्य परिषद की बैठक में हुए निर्णय
0 सभी क्षेत्रीय केंद्रों के लिए निजी भवन की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जमीन तलाश करने को कहा जाएगा। छात्रों के लिए एक-एक सुविधा संपन्न अध्ययन केंद्र विकसित करने का निर्णय लिया गया।
0 विवि एवं क्षेत्रीय केंद्रों पर रिक्त पदों का विज्ञापन कराए जाने का फैसला।
0 इलाहाबाद में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में स्थित छात्र-छात्राओं के लिए विवि में कम्युनिटी रेडियो स्थापित करने का फैसला।
0 पीएचडी कार्यक्रम दोबारा शुरू करने केलिए 17 शिक्षकों को शोध पर्यवेक्षक एवं निदेशक के रूप में मान्यता दी गई।
0 छात्रों के अंकपत्रों एवं उपाधियों पर विवि के अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। इसे विवि की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
0 ऑनलाइन एवं प्रिंट स्वअध्ययन सामग्री निर्माण के लिए कामनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया को प्रस्ताव भेजा है।
0 विवि के चौथे परिसर के लिए 25 एकड़ की भूमि क्रय करने का फैसला हुआ।
No comments:
Post a Comment