निजी पॉलीटेक्निकों के सीधे प्रवेश लेने पर रोक
लखनऊ : निजी पॉलीटेक्निक में छात्रों को सीधे प्रवेश लेने पर रोक लगा दी गई है। प्राविधिक शिक्षा के निदेशक कफील अहमद ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। इसमें निजी पॉलीटेक्निकों को फिलहाल कोई भी प्रचार-प्रसार नहीं करने को कहा गया है। सीधे प्रवेश लेने की प्रक्रिया पर अब काउंसलिंग के समय निर्णय लिया जाएगा। निदेशक ने बताया कि पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए लाखों की संख्या में छात्र आवेदन करते हैं। बावजूद इनके निजी पॉलीटेक्निक बिना आवेदन करने वाले छात्रों को सीधे दूसरे वर्ष में दाखिला देने का लालच देते हैं। कई बार छात्रों द्वारा अधिक फीस वसूली की भी शिकायत की जाती है। यही वजह है कि सीधे प्रवेश प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि अब काउंसलिंग के माध्यम से ही प्रवेश कराने पर विचार चल रहा है। इसको लेकर शासन में जल्द ही निर्णय होने वाला है। जैसे ही निर्णय लागू हो जाएगा। सीधे प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। वर्तमान समय में प्रदेश में 350 से ज्यादा निजी पॉलीटेक्निक हैं। इसमें 90 हजार से अधिक सीटों पर दाखिला होता है। विज्ञापन लगाने पर होगी कार्यवाई रोक के बावजूद अगर कोई पॉलीटेक्निक सीधे प्रवेश देने का विज्ञापन निकालता है या किसी प्रकार का प्रलोभन देता है तो उस पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी। विभाग के जानकारों के मुताबित संस्था की प्रवेश क्षमता कम या सम्बद्धता समाप्त करने की कार्यवाई की जा सकती है।जानबूझ कर खाली रखते हैं सीटेंविभाग के सूत्रों ने बताया कि बहुत से सहायता प्राप्त पॉलीटेक्निकों में काउंसलिंग के दौरान छात्रों को दाखिला न देकर सीटें खाली रखी जाती हैं। इसके बाद कॉलेज प्रधानाचार्य अपने जानने वाले छात्रों को दाखिला दे देते हैं।
लखनऊ : निजी पॉलीटेक्निक में छात्रों को सीधे प्रवेश लेने पर रोक लगा दी गई है। प्राविधिक शिक्षा के निदेशक कफील अहमद ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। इसमें निजी पॉलीटेक्निकों को फिलहाल कोई भी प्रचार-प्रसार नहीं करने को कहा गया है। सीधे प्रवेश लेने की प्रक्रिया पर अब काउंसलिंग के समय निर्णय लिया जाएगा। निदेशक ने बताया कि पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए लाखों की संख्या में छात्र आवेदन करते हैं। बावजूद इनके निजी पॉलीटेक्निक बिना आवेदन करने वाले छात्रों को सीधे दूसरे वर्ष में दाखिला देने का लालच देते हैं। कई बार छात्रों द्वारा अधिक फीस वसूली की भी शिकायत की जाती है। यही वजह है कि सीधे प्रवेश प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि अब काउंसलिंग के माध्यम से ही प्रवेश कराने पर विचार चल रहा है। इसको लेकर शासन में जल्द ही निर्णय होने वाला है। जैसे ही निर्णय लागू हो जाएगा। सीधे प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। वर्तमान समय में प्रदेश में 350 से ज्यादा निजी पॉलीटेक्निक हैं। इसमें 90 हजार से अधिक सीटों पर दाखिला होता है। विज्ञापन लगाने पर होगी कार्यवाई रोक के बावजूद अगर कोई पॉलीटेक्निक सीधे प्रवेश देने का विज्ञापन निकालता है या किसी प्रकार का प्रलोभन देता है तो उस पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी। विभाग के जानकारों के मुताबित संस्था की प्रवेश क्षमता कम या सम्बद्धता समाप्त करने की कार्यवाई की जा सकती है।जानबूझ कर खाली रखते हैं सीटेंविभाग के सूत्रों ने बताया कि बहुत से सहायता प्राप्त पॉलीटेक्निकों में काउंसलिंग के दौरान छात्रों को दाखिला न देकर सीटें खाली रखी जाती हैं। इसके बाद कॉलेज प्रधानाचार्य अपने जानने वाले छात्रों को दाखिला दे देते हैं।
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