बच्चों के अंकपत्र को लेकर शिक्षको में उहापोह
सठियांव (आजमगढ़):परिषदीय विद्यालयों में नये शैक्षिक सत्र की शुरूआत का समय आ गया है, लेकिन विभाग द्वारा विद्यालयों को अभी तक अंकपत्र नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं टेबुलेशन चार्ट भी विद्यालयों को उपलब्ध नहीं कराया गया है। यह अलग बात है कि शासन की मंशा के अनुरूप 30 मार्च को ही सभी बच्चों को अंकपत्र जारी कर देना था। जिसे लेकर शिक्षकों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर तथा सीबीएसई पैटर्न पर परिषदीय विद्यालयों को चलाने के लिए एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू कर दिया गया है। सत्र 2016-17 में पढ़ने वाले सभी बच्चों को 18 से 24 मार्च तक वार्षिक परीक्षा संपन्न करानी थी। विद्यालयों पर पेपर तो सही समय पर उपलब्ध करा दिया गया। 30 मार्च को मूल्यांकन के बाद अंकपत्र वितरण करना सुनिश्चित किया गया था। जबकि अभी तक विद्यालयों को अंकपत्र नहीं मिल सका है। कुछ लोग तो दुकानों से खरीदकर अंकपत्र बांट दिये है। अंकपत्र का प्रारूप क्या है, यह अभी भी किसी को पता नहीं है। कुछ लोगों का मानना है कि पुराने अंकपत्र ही बंटेगा तो कुछ का कहना है कि वर्तमान समय के अंकपत्र में ग्रेडिंग सिस्टम लगाया गया है। इसे लेकर शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कोई भी अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है कि आखिर बच्चों को अंकपत्र कैसे बांटा जाय।
No comments:
Post a Comment